Friday, 7 January 2011

शीलू कांड : एसपी के पास पहुंचा कार्रवाई का आदेश

dainik jagaran kanpur- January 6, Thursday , 2011
शीलू कांड : एसपी के पास पहुंचा कार्रवाई का आदेश

 बांदा, जागरण टीम : शीलू प्रकरण में आरोपी नरैनी विधायक पर शिकंजा कसता जा रहा है। सिविल जज जूनियर डिवीजन अतर्रा की अदालत में शीलू ने मंगलवार को आपबीती दास्तां का जो प्रार्थना पत्र दिया, मुंसिफ मजिस्ट्रेट की कार्रवाई के आदेश के साथ वह प्रार्थना पत्र एसपी के पास पहुंच गया है। इधर, सीबीसीआइडी ने शीलू के भाई रज्जू से पूछताछ की तथा एडीजी सीबीसीआइडी ने देर रात जेल पहंुचकर दस्तावेज खंगाले और अधिकारियों से पूछताछ की। मालूम हो कि सिविल जज जूनियर डिवीजन परवेज अख्तर ने शीलू के प्रार्थना पत्र पर यह आदेश किये थे कि अभियुक्त कु.शीलू द्वारा अपने साथ अपराध होने का कथन किया गया है। जेल अधीक्षक जिला कारागार बांदा के माध्यम से यह प्रार्थना पत्र पुलिस अधीक्षक को कार्रवाई के लिए प्रेषित किया जाये। बताते हैं कि जेल अधीक्षक ने न्यायिक अधिकारी के आदेश के साथ शीलू द्वारा दिया गया प्रार्थना पत्र पुलिस अधीक्षक को भेज दिया है। जेल अधीक्षक वीके सिंह ने बताया कि न्यायालय द्वारा मिला आदेश पुलिस अधीक्षक को भेज दिया गया है।

मेडिकल जांच से ही उजागर होगी विधायक के दावे की सच्चाई
बांदा, जागरण टीम : क्या नरेनी विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी वाकई किसी महिला से शारीरिक संबंध बनाने में सक्षम नहीं हैं, उनके इस दावे की सच्चाई तो मेडिकल जांच से ही उजागर हो सकती है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार मधुमेह और हाई ब्लडप्रेशर जैसी बीमारियों में नपुंसकता जैसी स्थिति तो आने की संभावना रहती है, लेकिन कई रोगी दवा और इंजेक्शन के सहारे अपनी इस कमी को पूरा करते हैं। पीजीआई लखनऊ में इलाज चलने का दावा करने वाले विधायक चिकित्सकों का नाम तक नहीं बता सके। पिछड़ी जाति की लड़की शीलू के दुष्कर्म संबंधी आरोप के जवाब में विधायक पुरुषोत्तम नरेश ने अपने को मधुमेह, हाई ब्लडप्रेशर, रेटिना और किडनी जैसी बीमारियों से ग्रस्त बताते हुए यह दावा किया था कि वे किसी महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाने में सक्षम ही नहीं हैं। कानपुर की वरिष्ठ फिजीशियन एवं मधुमेह रोग विशेषज्ञ डा. नंदिनी रस्तोगी का कहना है कि डायबिटीज, हाई ब्लडप्रेशर के कारण नपंुसकता जैसी स्थिति बीमारी के स्टेज पर भी निर्भर करती है। ऐसी समस्या से ग्रस्त कई लोग दवा व इंजेक्शन लेकर भी सेक्स पावर हासिल करते हैं। कई पुराने रोगी शारीरिक संबंध बनाने में सक्षम भी होते हैं। इसलिए मेडिकल जांच से ही पता चल सकता है कि उक्त रोगी सेक्स करने में सक्षम है अथवा नहीं। विधायक पुरूषोत्तम नरेश द्विवेदी के निजी चिकित्सक डॉ. राजेंद्र प्रसाद कटैलिया ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि विधायक 1992 से लगातार ब्लड सुगर से पीडि़त हैं, जिसके कारण गुर्दे भी खराब हो गए हैं। मधुमेह के कारण उनकी आंख के रेटीना में रक्त स्राव भी हो गया था, जिसका चेन्नई से इलाज चल रहा है। उनको ब्लड सुगर 400 मि.ग्रा एफपीपी है एवं ब्लड प्रेशर 210/120 हाई प्रेशर रहता है एवं 26 यूनिट इंसुलिन सुबह और 20 यूनिट शाम को लगाया जाता है, तब भोजन कर पाते हैं। हालांकि विधायक से जब पूछा गया कि पीजीआइ के किन चिकित्सकों की देखरेख में इलाज चल रहा है तो उन्होंने बताया कि नेफ्रोलाजी व इंडोक्राइनोलाजी विभाग के चिकित्सकों की टीम इलाज कर रही है। किसी चिकित्सक का नाम नहीं याद आ रहा है।

हकीकत तक पहुंचने को खोजने होंगे कई सवालों के जवाब
लोकेश प्रताप सिंह, बांदा शीलू प्रकरण पेंचीदगियों से भरा है, जिसमें हर किरदार अपनी जगह रहस्य बना हुआ है। यही कारण है कि मामले की पड़ताल में एक के बाद एक अनसुलझे सवाल सामने आते जा रहे हैं, जिनका कोई संतोषजनक जवाब संबंधित लोगों के पास भी नहीं है। इस प्रकरण का पर्दाफाश तभी संभव है, जब इन सवालों के सही जवाब सामने लाये जायें। बकौल अच्छेलाल उनकी बेटी शीलू डेढ़ माह लापता रही, लेकिन इस दौरान उन्होंने थाने में गुमशुदगी की तहरीर क्यों नहीं दी। इस सवाल पर वे चुप्पी साध लेते हैं। जब अच्छेलाल को पता चला कि उनकी बेटी को पथरा गांव में बंधक बनाकर रखा गया है तो उन्होंने इसकी सूचना विधायक के साथ पुलिस को क्यों नहीं दी। विधायक ने खुद भी शीलू को पथरा से मुक्त कराने के लिए अपने गुर्गे भेजने के बजाय पुलिस की मदद क्यों नहीं ली। अगर शीलू पथरा गांव में बंधक थी तो मुक्त कराने के बाद रज्जू के खिलाफ मामला क्यों नहीं दर्ज कराया गया। विधायक ने शीलू को अपने घर रखने में क्यों रुचि दिखाई। विधायक ने अपने घर की जिस गैलरी में शीलू के रहने की जानकारी दी, उसमें उनके बेडरूम का दरवाजा खुलता है। जब विधायक का इतना भारी-भरकम मकान है तो शीलू को वहां क्यों रखा गया। विधायक के घर पर निजी गारद भी तैनात रहती है, ऐसे में शीलू राइफल लेकर कैसे निकल गई। राइफल का जिक्र तहरीर में क्यों नहीं किया गया। हालांकि विधायक ने कहा कि जमा होने से बचाने के लिए ऐसा किया, जबकि बरामद मोबाइल, पांच हजार रुपए व कपड़े आदि पुलिस के पास जमा हैं, जिसे प्राप्त करने के लिए उन्होंने कोर्ट में अर्जी दे रखी है। गुरुवार को इसकी सुनवाई होनी है। खुद विधायक ने बताया कि उनके घर से भी शीलू रज्जू से मोबाइल पर बात करती रही तो उनके परिवार के लोगों को उसकी नीयत पर शक क्यों नहीं हुआ और उन्होंने इसकी सूचना शीलू के पिता अच्छेलाल को क्यों नहीं दी। डबल सिम वाले (9415607499 व 9956100599) जिस मोबाइल के चोरी किये जाने की बात कही जा रही है, विधायक का वह मोबाइल शीलू के हाथ कैसे लगा। अगर शीलू के रज्जू से कोई संबंध नहीं रहे तो उसने जेल में रज्जू के पिता गयादीन पटेल और मां संुदरिया से मुलाकात क्यों की।

नहीं हो सका शीलू का मेडिकल परीक्षण
बांदा : गुरु गोविंद सिंह जयंती का अवकाश होने के कारण शीलू की उम्र का मेडिकल परीक्षण बुधवार को नहीं हो पाया। शुक्रवार को मंुसिफ कोर्ट में शीलू के बालिग अथवा नाबालिग होने की सुनवाई होनी है। मेडिकल रिपोर्ट में नाबालिग साबित हो जाने पर चोरी के आरोप में निरुद्ध शीलू का मुकदमा जिला न्यायालय में स्थानांतरित हो जायेगा।

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