Friday, 7 January 2011

विधायक ने किया दुष्कर्म

dainik jagaran- January 5, Wednesday , 2011
विधायक ने किया दुष्कर्म
बांदा, जागरण टीम : सिविल जज जूनियर डिवीजन अतर्रा की कोर्ट में शीलू ने लिखित प्रार्थना पत्र देकर कहा कि नरैनी विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी ने अपने आवास में दो बार दुष्कर्म किया और उसके चार गुर्गो ने छेड़छाड़ की है। चोरी के आरोप में जब उसे थाने ले जाया गया तो सच बताने पर दरोगा ने भी पीटा। शीलू के प्रार्थना पत्र पर न्यायिक अधिकारी ने आदेश किया कि जेल अधीक्षक के माध्यम से यह प्रार्थना पत्र पुलिस अधीक्षक को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया जाये। उधर सीबीसीआइडी के जांच दल ने कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद मंडल कारागार में शीलू से इस समूचे प्रकरण पर गहन पूछताछ की।स्थित विधायक के आवास में टीम के आधा दर्जन से अधिक सदस्यों ने आरोपी विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी, उनके भाई व अन्य लोगों से अलग-अलग पूछताछ की। बताते हैं कि जांच टीम ने यह भी देखा कि शीलू को कहां पर रखा गया था और वह कैसे भागी। स्थलीय जायजा लेने के बाद उन्होंने संबंधित लोगों से कई सवाल किये। मंगलवार को शीलू को बयान के लिए सिविल जज जूनियर डिवीजन न्यायालय अतर्रा ले जाया गया। भारी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच शीलू सीधा न्यायालय कक्ष में पहुंच गयी। पहले से ही लिखकर लाये गये पत्र को वह न्यायिक अधिकारी को देते हुए कहा कि मुझे न्याय चाहिये। अदालत में शीलू ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने लिखित प्रार्थना पत्र देकर कहा कि तीसरी बार विधायक जब दुष्कर्म करने पहुंचे तो मैं भागने लगी। इस पर उनके गुर्गे सुरेश नेता, राजेंद्र शुक्ला, रावण, गर्ग ने पकड़कर छेड़छाड़ की और मारा-पीटा। यह धमकी दी गयी कि थाने में चोरी करके भागने की बात कहना। शीलू ने यह भी खुलासा किया कि मुझे यह धमकी दी जा रही है कि न्यायालय में यदि सच बताया तो कभी भी जेल से बाहर निकलने पर गोली से उड़वा दिया जायेगा। सिविल जज जूनियर डिवीजन परवेज अख्तर ने शीलू के प्रार्थना पत्र पर आदेश किया कि मुकदमा अपराध संख्या 379/10 अंतर्गत धारा 381/44 में उपस्थित होकर शीलू ने जो प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है उसमें अपराध होने का कथन किया गया है। प्रार्थना पत्र जेल अधीक्षक जिला कारागार के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही हेतु पुलिस अधीक्षक बांदा को प्रेषित है। इस प्रार्थना पत्र तथा आदेश की एक छाया प्रति रिमांड पत्रावली में रखी जावे। शीलू के पिता व भाई द्वारा उसे नाबालिग बताये जाने पर निषाद बिरादरी के अधिवक्ताओं ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर जमानत अर्जी पर सुनवाई स्थगित करा दी। न्यायिक अधिकारी ने सीएमओ से मेडिकल बोर्ड से आयु की जांच परीक्षण कराकर 7 को सुनवाई की तिथि तय की है। उधर रिमांड अर्जी पर 14 जनवरी की तारीख मुकर्रर की गयी है।

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