Wednesday, 12 January 2011

विधायक के गिरफ़्तारी पर किसने क्या कहा ?

बलात्कार आरोपी विधायक कि गिरफ्तारी के आदेश
हिंदुस्तान लखनऊ, एजेंसी
First Published:12-01-11 08:05 PM  
 
उत्तर प्रदेश सरकार ने बांदा में एक दलित युवती से बलात्कार के आरोपी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के आदेश जारी किए हैं।
कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने बुधवार को यहां कहा कि सीबीसीआईडी की प्रारम्भिक रिपोर्ट के आधार पर विधायक द्विवेदी व तीन अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के आदेश जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक को बुधवार शाम ही सीबीसीआईडी की रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला किया गया।
उल्लेखनीय है कि शहबाजपुर गांव की एक दलित लड़की ने अदालत में लिखित बयान देकर विधायक पर कथित तौर पर बंधक बनाकर बलात्कार करने का आरोप लगाया था।

बीबीसी  बुधवार, 12 जनवरी, 2011 को 22:03 IST

बलात्कार मामले में विधायक पर शिकंजा

रामदत्त त्रिपाठी, ramdutt tripathi
रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, लखनऊ
 उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि बांदा के बहुचर्चित शीलू बलात्कार कांड के बारे में सीआईडी की प्रारंभिक जाँच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है जिसके आधार पर सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी के विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी और उनके तीन सहयोगियों के खिलाफ रपट दर्ज कर गिरफ़्तारी के आदेश दे दिए गए हैं.
कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि इसके साथ ही पीड़ित युवती शीलू पर विधायक का मोबाइल फ़ोन और पाँच हजार रूपये चोरी करने के आरोप को सही पाया गया है इसलिए युवती जेल में ही रहेगी.
यह मामला पिछले कई हफ़्ते से चर्चा में है और विपक्ष मुख्यमंत्री मायावती पर विधायक को बचाने का आरोप लगा रहा था.
सरकारी प्रवक्ता ने विपक्ष के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि सीआईडी की रिपोर्ट प्राप्त होते ही कार्यवाही के आदेश दे दिए गए हैं.
इससे पहले मुख्यमंत्री मायावती ने मामले को तूल पकड़ते देख विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी को दल की सदस्यता से निलंबित कर दिया था.
लेकिन विधायक ने दुराचार के आरोपों का खंडन करते हुए पूरे मामले को एक राजनीतिक साज़िश क़रार दिया है.

मामला

पीड़ित युवती के पिता अच्छे लाल बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता बताए जाते हैं.
पहले विधायक परिवार ने पीड़ित लड़की पर चोरी का मुकदमा कायम कराया था जिसके आधार पर पुलिस ने 15 दिसंबर को युवती को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
पुलिस
पुलिस ने पीड़ित लड़की को पहले ही चोरी के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया था
ख़बरों के अनुसार कथित दुराचार की शिकार शीलू की माँ की मौत हो चुकी है.
वह अपने पिता से नाराज़ होकर सीमावर्ती मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में ग्राम हरनामपुर में अपने ननिहाल में रह रही थी.
बताया जाता है कि ननिहाल वालों ने पैसा लेकर उसकी शादी कर दी थी.
लड़की के परिवार वालों ने तीन नवंबर को शीलू की गुमशुदगी की रपट मध्य प्रदेश के पन्ना पुलिस स्टेशन में लिखाई थी.
बाद में उसके पिता ने विधायक द्विवेदी की मदद से लड़की को खोजकर उसे विधायक के ही घर पर रख दिया.
कुछ दिनों बाद लड़की विधायक के घर से गायब हो गई .
तब चौदह दिसंबर विधायक के बेटे मयंक द्विवेदी ने उस पर मोबाइल फोन और कुछ रुपये चोरी कर गायब होने का मुक़दमा दर्ज़ कराया.
पुलिस के अनुसार लड़की को चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया गया.

आरोप

लेकिन लड़की के भाई का कहना है कि लड़की जब अदालत में पेशी के लिए लायी गई तब उसने आपने साथ विधायक के घर पर दुराचार की बात बताई.
घर वालों को यह भी शिकायत थी कि बांदा के पुलिस अधीक्षक ने गैरकानूनी तौर जेल में जाकर शीलू पर अपना बयान बदलने का दबाव डाला. इसके लिए उसे रुपयों का लालच दिया गया.
पिछली दस जनवरी को शीलू ने अदालत में लिखित बयान देकर अपने साथ बलात्कार की औपचारिक शिकायत दर्ज करायी.
जानकारों का कहना है कानूनन दुराचार पीड़ित युवती का अदालत में बयान बहुत महत्वपूर्ण है इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार के पास इसके अलावा और कोई चारा नही बचा था कि वह विधायक के खिलाफ मुक़दमा दर्ज करके कार्यवाही करने की अनुमति दे.
हालँकि नियमानुसार रपट दर्ज करने के लिए सरकार की अनुमति नही चाहिए.
इस बात पर भी आश्चर्य किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सी आई डी ने युवती पर चोरी का मुकदमा सही पाया है जबकि आम तौर पर माना जाता है कि विधायक और स्थानीय पुलिस ने लड़की का मुँह बंद करने के लिए उसे चोरी के फर्जी मुक़दमे में जेल भेज दिया था.
मुख्यमंत्री के आदेश पर सीआईडी मामले की जाँच कर रही है, लेकिन विपक्ष संतुष्ट नही है और वह सीबीआई जाँच की माँग कर रहा है.

अमर उजाला Thursday, January 13, 2011  |  Last Update - 11:41:09 AM IST
 बसपा विधायक की गिरफ्तारी के आदेश
 बहुचर्चित दुराचार मामले में नरैनी से बसपा विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी की गिरफ्तारी तय है। प्रदेश सरकार की हरी झंडी मिलते ही विधायक और उनके तीन साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। राज्य सरकार ने विधायक समेत सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद द्विवेदी के दो साथियों राजेंद्र शुक्ला और सुरेश नेता को बांदा में गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि विधायक के लखनऊ में ही होने की जानकारी मिल रही है।

किसी भी वक्त हो सकती है गिरफ्तारी
प्रदेश के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच कर रही सीबीसीआईडी ने बुधवार शाम को डीजीपी करमवीर सिंह को प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंप दी है। उन्होंने कहा कि बांदा की कुमारी शीलू आठ दिसंबर से 12 दिसंबर तक चार दिन, विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी के घर में रही। तीन दिन तक सब ठीक रहा लेकिन 11/12 दिसंबर की रात को विधायक व उनके तीन साथियों राजेंद्र शुक्ला, सुरेश नेता और रावणकर ने दो बार उसके साथ दुराचार किया। पीड़ित ने सीबीसीआईडी को दिए बयान में भी विधायक व उनके इन साथियों पर आरोप लगाया है।

कैबिनेट सचिव ने बताया कि पीड़ित यवती को 10 जनवरी को बांदा में ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट (अतर्रा) के सामने पेश किया गया था। मजिस्ट्रेट के सामने उसने जो प्रार्थना पत्र दिया, उसमें भी विधायक व उनके साथियों पर दुराचार का आरोप लगाया गया है। सीबीसीआईडी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मिलने के फौरन बाद कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बांदा में विधायक व उनके तीन साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इन चारों के खिलाफ 376/354 के साथ मारपीट व धमकी देने आदि की धाराएं भी लगाई गई हैं।

विधायक की पुत्रवधु का मोबाइल ले गई थी शीलू
पीड़ित युवती को चोरी के फर्जी आरोप में जेल भेजे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब शीलू विधायक के घर से निकली तो वह अपने साथ विधायक की पुत्र वधु का मोबाइल फोन और पांच हजार रुपये लेकर गई थी। इस फोन से उसने डेढ़ सौ से अधिक फोन किए थे। उन्होंने कहा अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई आवश्यक थी। इसी वजह से मुख्यमंत्री मायावती के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की कोशिश हो रही है।
 
दैनिक जागरण January 13, Thursday , 2011
 लखनऊ, जागरण ब्यूरो : बांदा के शीलू दुराचार मामले में बुधवार शाम बसपा विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी और तीन साथियों के खिलाफ दुराचार का मुकदमा दर्ज हो गया। शासन से गिरफ्तारी आदेश के बाद विधायक फरार हो गये हैं। सीबीसीआइडी की प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट के बाद शासन के निर्देश पर विधायक के खिलाफ कार्रवाई की गयी। मामले में देर रात राजेन्द्र उपाध्याय व सुरेश नेता नाम के अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है। नाम के भ्रम में पहले पथरा निवासी राजेन्द्र शुक्ल को गिरफ्तार किया गया, जिसे देर रात छोड़ दिया गया। दरअसल, आरोपी राजेन्द्र पछौछा का रहने वाला है। बुधवार शाम को कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने पत्रकारों को सरकार के इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया सीबीसीआइडी की प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी, राजेन्द्र उपाध्याय, सुरेश नेता व रावण गर्ग के खिलाफ बांदा सदर कोतवाली में दफा 376, 354, 323, 504 और 506 के तहत मुकदमा किया गया है। डीजीपी ने दोपहर बाद जांच रिपोर्ट कैबिनेट सचिव को दी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पारदर्शिता बरतते हुए कहा कि मामले में दोषी जो भी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाय। कैबिनेट सचिव ने कहा कि अभी सीबीसीआइडी ने प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट सौंपी है। प्रारम्भिक जांच के लिए 21 दिन का मौका दिया गया था, दस दिन के अंदर ल्ल शेष पृष्ठ 9 पर टीम ने अपनी रिपोर्ट दे दी। जांच के बाद विधायक की बसपा से बर्खास्तगी पर फैसला होगा। शीलू पर पुलिसिया कार्रवाई जायज : कैबिनेट सचिव शशांक शेखर ने शीलू के खिलाफ विधायक की ओर से दर्ज कराये गए मुकदमे को जायज ठहराया और तर्क दिया कि उसके पास से चोरी का सामान बरामद हुआ है। यहां तक कि उसने चुराए हुए मोबाइल फोन से 150 बार बातचीत की थी। कैबिनेट सचिव ने साफ कहा कि सीबीसीआइडी की जांच में जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाये जायेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। आठ से 12 दिसम्बर तक विधायक के घर रही शीलू : जांच के दौरान यह बात सामने आयी कि शीलू आठ दिसम्बर को विधायक के घर पहंुची। 11 की रात को शीलू के साथ सामूहिक दुराचार हुआ। 12 को वह विधायक की बहू का मोबाइल फोन और पांच हजार रुपये चुराकर भाग गयी। दस जनवरी को शीलू ने जूडिशियल मजिस्ट्रेट के समक्ष विधायक और साथियों द्वारा दुराचार किये जाने का बयान दिया। सुबह से ही थी सरगर्मी : सूबे की सत्ता का शीर्ष केन्द्र बुधवार सुबह से ही सरगर्म था। बुधवार को मामले में नया मोड़ आने की संभावना से विपक्षी दल और मीडिया की निगाहें मुख्यमंत्री सचिवालय (एनेक्सी) पर टिकी थी। दोपहर बाद एनेक्सी पहंुचे प्रदेश के डीजीपी कर्मवीर सिंह ने कैबिनेट सचिव को जांच रिपोर्ट सौंपी। सुबह जांच टीम के एएसपी फूल सिंह वर्मा ने सीबीसीआइडी मुख्यालय पहुंचकर प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट एडीजी गुरबचन लाल को दी थी। लाल ने डीजीपी कार्यालय जाकर कर्मवीर सिंह से भेंट कर रिपोर्ट दी और पूरे मामले से अवगत कराया। प्राक्कलन समिति की बैठक में नहीं गये विधायक : बुधवार को विधानसभा में प्राक्कलन समिति की बैठक में बतौर सदस्य विधायक पुरुषोत्तम को शामिल होना था। मंगलवार की रात को उन्होंने इस बैठक में जाने की बात कही थी, लेकिन शासन का रुख भांप कर बुधवार को वे खिसक लिए। विधायक ने मंगलवार को मीडिया को शीलू का मध्य प्रदेश पुलिस को दिया गया एक बयान भी भेजा, जिसमें उसने अपने पिता को आरोपित किया था। पुरुषोत्तम नरेश ने आरोप लगाया था कि बांदा के विधायक विवेक सिंह ने षड्यंत्र किया। विवेक सिंह ने कहा कि वह ऐसे व्यक्ति की बात का संज्ञान नहीं लेते।
 
IBN -7
Posted on Jan 12, 2011 at 04:52pm IST | Updated Jan 12, 2011 at 09:46pm IST

बांदा बलात्कार मामले में आरोपी BSP विधायक फरार

 
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में भूचाल लाने वाले बांदा के शीलू बलात्कार काण्ड में नामजद सत्तारुढ बहुजन समाज पार्टी (BSP) विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी के 3 समर्थकों में से दो को आज शाम गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन विधायक व उसका एक सहयोगी अभी फरार है। मुख्यमंत्री मायावती ने इनकी गिरफ्तारी के आदेश दिये थे।
राज्य के मंत्रिमण्डलीय सचिव शशांक शेखर सिंह ने पत्रकारों को यह जानकारी देते हुए बताया कि बांदा कोतवाली में द्विवेदी के साथ ही उनके तीन समर्थकों राजेन्द्र शुक्ला, सुरेन्द्र नेता और रावण गर्ग के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 376, 354, 323 और 506 के तहत मामला दर्ज हो गया।
सिंह के अनुसार सीबीसीआईडी की प्रारम्भिक रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज होने के तत्काल बाद मुख्यमंत्री मायावती ने आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश दिये थे। नामजद चार लोगों में से दो राजेन्द्र शुक्ला और सुरेन्द्र नेता को बांदा के कोतवाली सदर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही जेल में बन्द पीडिता शीलू के ऊपर लगे चोरी के आरोपों को उन्होंने सही बताया।
नाबालिग रेप का मामला सामने आने के बाद जांच के लिए गठित हुई सीबीसीआईडी की रिपोर्ट आ गई है। नाबालिग रेप का मामला सामने आने के बाद जांच के लिए गठित हुई सीबीसीआईडी की रिपोर्ट में विधायक घिरते नजर आ रहे हैं। बताते चलें कि बांदा बलात्कार मामले में एक लड़की ने पुरुषोत्तम द्विवेदी पर रेप का आरोप लगाया था। इसके बाद आरोप है कि विधायक ने लड़की पर चोरी का इल्जाम लगवा कर उसे जेल भिजवा दिया था।
आईबीएन7 पर खबर दिखाए जाने के बाद सूबे की सरकार हरकत में आई और आनन-फानन में इस पूरे मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी। सूत्रों के मुताबिक सीबीसीआईडी की जांच में रेप की पुष्टि हुई है और लड़की पर चोरी के लगे आरोप गलत साबित हुए हैं।
इन सबपर भी नाबालिग लड़की अब भी जेल में बंद है। इसके पहले बीएसपी ने अपने विधायक को पार्टी से निलंबित कर दिया था।

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