Friday, 7 January 2011

विधायक ने लगाया बांदा एसपी पर आरोप

सहारा समय 06 Jan 2011 11:31:04 PM IST

विधायक ने लगाया बांदा एसपी पर आरोप

उत्तर प्रदेश कांग्रेस से बांदा के सदर विधायक विवेक कुमार सिंह ने शीलू बलात्कार कांड में पुलिस अधीक्षक पर आरोप लगाया है.


उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया चेयरमैन एवं विधायक जारी एक बयान में शीलू बलात्कार कांड में न्यायालय के आदेश के बाद जेलर द्वारा पत्रावली पुलिस अधीक्षक बांदा को एफआईआर करने के आदेश देने के बाद भी पुलिस अधीक्षक द्वारा अभी तक एफआईआर दर्ज न कराने के आदेश जारी न करने की तीव्र शब्दों में निंदा की है.

उन्होंने कहा है कि इस घटना में जब तक बांदा पुलिस अधीक्षक पद पर अनिल दास मौजूद हैं तब तक सीबीसीआईडी कुछ नहीं कर सकती, यह पुलिस अधीक्षक स्वयं एक पार्टी हैं जो शीलू को छह घंटे तक जेल में रहकर धमकाते रहे तथा शीलू को रूपया देने की पेशकश करते रहे, जिन्हें स्वयं मैंने जेल में रंगे हाथ पकड़ा है तथा जेल रजिस्टर में अपनी आपत्ति दर्ज करते हुए सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को न्यायिक अभिरक्षा में बंद कैदी को न्यायिक कार्यों में बाधा पहुंचाने के लिए लिखा है.

श्री सिंह ने कहा कि पुलिस अधीक्षक जैसे पद पर बैठे आईपीएस अधिकारी द्वारा स्वयं ही न्यायिक व्यवस्था को एक तरफ रखकर पुलिस अधिकारियों के साथ कैदियों को धमकाया जाना व रूपये लेकर बयान बदलने के लिए विवश करना, लोकतांत्रिक व्यवस्था पर कुठाराघात है. पुलिस अधिकारी, पुलिस कस्टडी में तो पूछताछ कर सकते हैं किन्तु जब कैदी न्यायिक अभिरक्षा में हो तो सिवाय आईओ के अन्य कोई भी अधिकारी जेल में बंदी से पूछताछ नहीं कर सकता, वह भी न्यायालय की अनुमति हो.
तत्कालीन डी.आई.जी. ने जब इसका विरोध किया तो उनको शासन द्वारा तत्काल हटा दिया गया, जबकि दोषी पुलिस अधीक्षक के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई. जबकि विधायक सदर के रूप में स्वयं मैंने उनको जेल में पकड़ा है.

श्री सिंह ने कहा कि नरैनी बांदा के विधायक पुरूषोत्तम नरेश द्विवेदी द्वारा स्वयं यह कहना कि मैं सेक्स के काबिल नहीं हूं, प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि या तो आदमी जन्म से ही नपुंसक होता है या वह हिजड़ा जो न तो नर में हो या न ही नारी जाति में हो.

श्री सिंह ने कहा कि जब एक नाबालिग लड़की अपने बयान में न्यायालय में जो आरोप लगा रही है कि विधायक ने दो बार बलात्कार किया है तीसरी बार संभोग के लिए पकड़ने पर मैं भाग गई इसके बाद सिवाय उनकी गिरफ्तारी के दूसरा कोई उपाय नहीं है.

श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री अगर वास्तव में इस पिछड़े वर्ग की नाबालिग लड़की को न्याय दिलाने के लिए तत्पर हैं तो तत्काल पुलिस अधीक्षक बांदा को सस्पेंड करें ताकि निष्पक्ष जांच हो सके. नौटंकी करके सत्तादल के विधायक को बचाने का प्रयास न करें.

बलात्कार के आरोपी विधायक झेल सकते हैं आयोग की तल्खी

प्रभात खबर 1/7/2011 1:36:29
 बलात्कार के आरोपी विधायक झेल सकते हैं आयोग की तल्खी
 नयी दिल्लीः बसपा के विधायक पुरूषोत्तम द्विवेदी के एक नाबालिग दलित लड़की से कथित तौर पर बलात्कार करने के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट के लिए अपनी टीम उत्तर प्रदेश के बांदा जिले भेज सकता है. लखनउ के पुलिस अधीक्षक अनिल दास ने कुछ दिन पहले आयोग को प्राथमिक रिपोर्ट भेजी थी, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है.

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया के अनुसार, इस कथित बलात्कार मामले में विस्तृत रिपोर्ट के लिए हम जल्द ही अपनी टीम बांदा भेजेंगे. रिपोर्ट के आधार पर हम अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार निरोधी कानून के तहत गिरफ्तारी की अनुशंसा कर सकते हैं.
 उन्होंने कहा कि ओबीसी के लिये राष्ट्रीय आयोग के अभाव में आयोग पिछड़े समुदाय के लोगों पर हुए अत्याचार की जांच करने की शक्ति‍ रखता है.

मायावती सरकार ने विधायक बलात्कार मामले में आयोग द्वारा संज्ञान लिये जाने पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद पुनिया का यह बयान आया है. आयोग का यह मानना था कि अगर इन मामलों को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा, तो अपराधी यह सोंचेगे कि वह अपराध कर के बच सकते हैं. इस बीच
, उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि स्थानीय अदालत के निर्देश देने के बावजूद इस सिलसिले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है.

पिछले साल दिसंबर में
17 साल की एक लड़की का बसपा के नरेनी से विधायक ने कथित तौर पर बलात्कार किया था. विधायक ने लड़की के खिलाफ़ चोरी का आरोप लगाया था.

शीलू प्रकरण पर सरकार को घेरने में जुटा विपक्ष

Dainik jagaran- 01 january 2011
लखनऊ, जाब्यू : यौन उत्पीड़न के आरोपी बांदा के एक बसपा विधायक को लेकर कांग्रेस और भाजपा प्रदेश सरकार को घेरने में जुट गई हैं। कांग्रेस ने इस प्रकरण की जांच हाईकोर्ट के जज से कराने की मांग की है। वहीं भाजपा ने बांदा में चार जनवरी को धरना देने की घोषणा की है। विपक्ष की मांग है कि बसपा विधायक को गिरफ्तार किया जाए। कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने शुक्रवार को लखनऊ में पत्रकारों को बताया कि बांदा जिले में सत्तापक्ष के एक दबंग विधायक द्वारा पिछड़ी जाति की एक नाबालिग बालिका के साथ कई दिनों तक यौन शोषण किया जाता रहा। लड़की जब विधायक के चंगुल से किसी तरह छूटी और उसने परिवार को घटना बताई तो विधायक ने उसे चोरी के इलजाम में जेल भिजवा दिया। लड़की इस समय जेल में है। राजफाश तब हुआ जब बालिका के पिता ने अपनी पुत्री के साथ दुराचार होने की बात सार्वजनिक की। रीता बहुगुणा जोशी ने बताया कि वह गुरुवार को बांदा गयी थीं लेकिन जेल अधीक्षक ने उन्हें लड़की से मिलने नहीं दिया। बालिका के पिता का भी कोई पता नहीं है।

रीता जोशी बांदा के एसपी की भूमिका संदेह के घेरे में है। कांग्रेस अध्यक्ष ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले की जांच हाईकोर्ट के जज से कराने, बांदा के एसपी को हटाने बसपा विधायक के खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उधर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने शुक्रवार को बांदा पहुंचकर कहा कि शीलू को इंसाफ दिलाने के लिए पार्टी की प्रदेश मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के नेतृत्व में 4 जनवरी बांदा में धरना होगा।
यौन उत्पीड़न में फंसे बसपा विधायक पर सियासत गर्म
लखनऊ, जागरण ब्यूरो यूपी के बांदा जिले में बसपा विधायक द्वारा अपने आवास पर निषाद जाति की नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न करने और फिर उसे चोरी के इल्जाम में जेल भिजवाने के 19 दिन पुराने मामले ने तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखने के साथ ही हाईकोर्ट के जज से मामले की जांच कराने की मांग की है। वहीं,भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने शुक्रवार को बांदा पहुंचकर लड़की के परिजनों से भेंट की। पीडि़ता से मुलाकात की अनुमति ने मिलने पर शाही जेल गेट पर धरने पर बैठ गए। भाजपा ने विधायक की गिरफ्तारी की मांग के साथ ही चार जनवरी को बांदा में धरना देने का ऐलान किया है। खासबात यह है कि 12 दिसंबर को हुई घटना के दो दिन बाद पुलिस ने पीडि़ता को चोरी के आरोप में जेल भेज दिया। विपक्षी दलों के हंगामा करने पर 29 दिसंबर को जेल में ही पीडि़ता का मेडिकल कराया। बसपा के सेक्टर प्रभारी सहबाजपुर के अच्छेलाल की बेटी शीलू हरनामपुर (मप्र) में अपने मामा के घर रहती थी, जिसे 50 हजार में पथरा के रज्जू पटेल को बेच दिया गया। अच्छेलाल ने नरैनी विधायक पुरुषोत्तम नारायण द्विवेदी की मदद से शीलू को मुक्त कराया और उसे विधायक आवास में ठहरा दिया। 12/13 दिसंबर की रात शीलू भागी। इस पर विधायक ने उस पर नकदी,कपड़े व मोबाइल लेकर भागने का आरोप लगाया। विधायक पुत्र मयंक की रिपोर्ट पर 14 दिसंबर को पुलिस ने तुर्रा गांव से शीलू को गिरफ्तार कर लिया। नरैनी विधायक उस समय कठघरे में आ गए जब शीलू ने विधायक आवास में यौन उत्पीड़न होने और चोरी का फर्जी आरोप लगाए जाने की बात कही। कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने शुक्रवार को लखनऊ में कहा, बसपा विधायक ने लड़की का कई दिनों तक यौन शोषण किया। चंगुल से छूटने पर लड़की ने परिजनों को आपबीती बताई तो उसे चोरी में जेल भिजवा दिया। जोशी ने बताया कि वह गुरुवार को बांदा गयी थीं, लेकिन जेल अधीक्षक ने उन्हें लड़की से मिलने नहीं दिया। बालिका का पिता लापता है। जोशी ने कहा, एसपी ने नियम विरुद्ध जेल पहुंचकर लड़की को प्रताडि़त किया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले की जांच हाईकोर्ट के जज से कराने, बांदा के एसपी को हटाने, लड़की के पिता की तहरीर पर विधायक के खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज करने तथा मजिस्ट्रेट के समक्ष पीडि़ता का बयान कलमबंद किए जाने की मांग की है। वहीं विधायक द्विवेदी का कहना है कि उन्होंने बेटी समझकर शीलू को अपने यहां शरण दी। विपक्षी दल साजिशन कीचड़ उछाल रहे हैं।