Tuesday, 25 January 2011

बांदा रेप केस में लड़की के पति की एंट्री, कहा MLA निर्दोष

नव भारत टाईम्स  25 Jan 2011, 1004 hrs IST,सांध्य टाइम्स
बांदा रेप केस में लड़की के पति की एंट्री, कहा MLA निर्दोष
लखनऊ।। बांदा रेप केस में राजू नाम के शख्स की नाटकीय एंट्री से मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है। राजू ने कहा है कि वह उस लड़की का पति है, जिसका एमएलए और उसके साथियों ने मिलकर रेप किया था।

उसने कहा कि दोनों ने एक मंदिर में शादी की थी। उसने कहा कि शादी के बाद वह कुछ दिनों तक साथ रही थी, बाद में वह अपने मायके चली गई। उसने कहा कि बीएसपी एमएलए पुरुषोत्तम द्विवेदी निर्दोष हैं। हालांकि वह पूछने पर न तो शादी की कोई सही डेट बता पा रहा है और न ही कोई फोटो दिखा पाया है।

राजू ने बताया कि जबसे यह केस शुरू हुआ, तबसे वह लड़की मेरे संपर्क में थी, लेकिन न तो कोई पुलिस अधिकारी और नही कोई सीबीआई का अधिकारी मेरे पास पूछताछ करने आया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि राजू से बात करने पर लगता है कि वह झूठ बोल रहा है।

राजू लखनऊ में विधानसभा के सामने धरने पर बैठा है, जहां पहले से एमएलए की पत्नी, बेटा और सपोर्टर धरने पर हैं। एमएलए की पत्नी ने कहा है कि उनके पति निर्दोष हैं और अगर उनके ऊपर मुकदमा चला तो मैं आत्महत्या कर लूंगी। एमएलए के बेटे ने कहा कि उसके पिता राजनीतिक साजिश के शिकार हुए हैं।


23 Jan 2011, 1009 hrs IST,टाइम्स न्यूज नेटवर्क
'गरीब की बेटी थी, इसलिए विधायक ने रेप किया'
यूपी के बांदा में 'रेपिस्ट' बीएसपी विधायक पुरुषोत्तम द्विवेदी को सलाखों के पीछे पहुंचाने वाली नीलू निषाद (बदला हुआ नाम) का कहना है कि उसके साथ यह सब इसलिए हुआ, क्योंकि वह गरीब थी। नीलू से हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की मंजरी मिश्रा ने बात की और उसके दर्द और संघर्ष की कहानी जानी। इस पूरी बातचीत में नीलू दो बार फूट-फूटकर रो पड़ी। पेश है नीलू से बातचीत के अंश...

तुम अभी 17 साल की हो। एक विधायक के खिलाफ लड़ने का इतनी हिम्मत कहां से जुटाई?
जब खोने के लिए कुछ नहीं होता, तो हिम्मत अपने आप आ जाती है।

किससे प्रेरणा मिली? किसी महिला या पुरुष से? किससे सुना उसके बारे में?
किसी से नहीं। इन 'किस्सा-कहानी' का वक्त कहां है। मुझ जैसी लड़कियों के लिए यह सुविधा नहीं है। हां, वहां कोई है जिस पर मेरा विश्वास है। वह धरती पर नहीं रहता। वह भगवान है।

क्या तुम कभी स्कूल गई हो?
हां, चार साल गई हूं। मैं तीन तक पढ़ी हूं। बस अपना नाम लिख लेती हूं। पढ़ नहीं पाती।

क्या स्कूल वापस जाना चाहोगी?
हां, क्यों नहीं? यदि मुझे मदद मिले तो मैं पढ़ना चाहूंगी। मैं बीए और कुछ और करना चाहती हूं। मेरी जिंदगी में अब कुछ नहीं बचा है। पढ़ने से शायद कुछ मिल जाए।

तुम्हारे साथ जो कुछ हुआ, उस पर तुम्हारे परिवार वाले क्या सोचते हैं। क्या वह तुम्हें दोष देते हैं?
नहीं बिल्कुल नहीं। मेरे पिता सारी सच्चाई जानते हैं। उन्होंने इस मामले में मेरा पूरा साथ दिया। उन्होंने और मेरे भाई (संतू) ने मेरे साथ सब सहा है। वह मुझे दोष क्यों देंगे? उन्हें पता है किसे दोष देना चाहिए।

क्या तुम खुद को सुरक्षित महसूस करती हो ?
नहीं, मैं सुरक्षित नहीं हूं। आरोपी अभी भी खुले घूम रहे हैं। रज्जू पटेल (एक आरोपी) ने तो मुझे और मेरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी है।

क्या तुम अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो?
हां, वे सुरक्षित नहीं हैं। हम एक दूरदराज के गांव में रहते हैं। जहां मुट्ठीभर मकान हैं। बाढ़ की वजह से मेरा घर आधा टूट चुका है। मेरे साथ कभी भी कुछ भी हो सकता है।

तुम अपने रेपिस्ट के लिए कैसी सजा चाहती हो?
उसे वैसी ही सजा मिलनी चाहिए जैसी किसी मंत्री या एमएलए की बेटी के रेपिस्ट को। उसने यह सब इसलिए किया, क्योंकि मैं एक गरीब की बेटी थी। मेरे पिता बड़े आदमी होते तो उसकी यह हिम्मत नहीं होती। गरीबी के कारण ही मेरे साथ यह सबकुछ हुआ।

क्या तुम्हें विश्वास है कि न्याय मिल पाएगा?
हां, मुझे यकीन है। नहीं मिला तो मैं लड़ूंगी। जब इतनी लड़ाई का दम है, तो आगे भी लड़ लूंगी।




Friday, 21 January 2011

अब गांव में कैद हुई शीलू

दैनिक जागरण January 17, Monday , 2011
अब गांव में कैद हुई शीलू
बांदा, जागरण कार्यालय : जेल से छूटी तो शीलू गांव में कैद हो गयी। पुलिस और पीएसी ने उसके घर ही नहीं पूरे गांव को घेर रखा है। कपड़े लेकर कई बार शीलू शहर आने के लिए घर से निकली लेकिन पुलिस वालों ने यह कहकर रोक दिया कि उच्च न्यायालय का गांव में ही सुरक्षित रखने का आदेश हैं। उधर सपा के राष्ट्रीय महासचिव विशंभर निषाद की अगुवाई में सपाइयों ने धरना देकर शीलू को आवास, 50 लाख मुआवजा व समुचित सुरक्षा की मांग की। सपा नेता ने शीलू को शहर लाने का प्रयास किया तो पुलिस से झड़प हो गयी। तीखी नोकझोंक के बीच कई बार तो लाठी चार्ज की स्थिति बन गयी। पुलिस और सपाइयों में दिनभर कहासुनी होती रही। शहर व गांव में रहने को लेकर शीलू के पिता व भाई भी आमने सामने हो गये। पिता अच्छेलाल ने पुत्र से कहा कि शीलू यहीं रहेगी किसी भी नेता के घर व उसके संरक्षण में नहीं जायेगी। भाई इस बात पर अड़ा रहा कि इस छोटे से गांव में सुरक्षा नहीं है। हम सभी के लिए खतरा है। बांदा शहर में वह किराये का मकान लेकर रहेंगे।एक मौका वह भी आया जब शीलू अपने कपड़े लेकर गाड़ी में बैठने लगी। क्षेत्राधिकारी नरैनी कमल ने उसे रोकते हुए कहा कि हाईकोर्ट के यही निर्देश हैं कि गांव में ही शीलू को सुरक्षित रखा जाये। पुलिस यहां से किसी दूसरी जगह नहीं जाने देगी। यह सुनते ही शीलू फफक कर रोने लगी और कहा कि पुलिस वाले ही मुझे जान से मरवाना चाहते हैं। यहां मेरे पिता व भाई को बयान बदलवाने की धमकियां दी जा रही हैं। मैं अब अच्छी जिंदगी जीना चाहती हूं। बांदा या किसी बड़े शहर में रहूंगी। समाजवादी पार्टी के सांसद आरके पटेल, राष्ट्रीय महासचिव विशंभर निषाद, बबेरू विधायक विशंभर यादव, अशोक दीक्षित, मधुसूदन कुशवाहा, रामजी गुप्त समेत सैकड़ों सपाई दिनभर धरने में बैठकर यही कहते रहे कि शीलू यहां पूरी तरह से असुरक्षित है। पुलिस साजिश के तहत शीलू को यहां से नहीं जाने दे रही है। भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष स्मृति ईरानी ने शीलू से मुलाकात की। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि मेरे सामने पुलिस शीलू को धमका रही थी। इस गांव में उसकी व उसके परिवार की सुरक्षा कतई नहीं है। वह डीआईजी से मिलकर शीलू की सुरक्षा की मांग करेंगी। जेल से छूटकर शीलू शनिवार की रात दस बजे शहबाजपुर गांव पहुंची थी। सुबह से ही शीलू से मिलने वालों का तांता लग गया। राजनीतिक दलों व संगठनों के नेता पहुंचे और दिनभर इसी बात पर जंग होती रही कि शीलू गांव में नहीं शहर में रहेगी पर प्रशासन के सामने किसी की एक नहीं चली और शीलू सहबाजपुर के चार घरों के मजरे पर ही कैद है। जब प्रशासन को भनक लगी कि सपाई शीलू को शहर ले जा रहे हैं तो मौके में मौजूद क्षेत्राधिकारी कमल व गजेंद्र सिंह ने आला अधिकारियों को सूचना दी। देखते ही देखते दो दर्जन से अधिक थानाध्यक्ष, चार क्षेत्राधिकारी, दो ट्रक पीएसी व अपर पुलिस अधीक्षक लालाराम मौके पर पहुंच गये और पूरा गांव छावनी में तब्दील हो गया।

शीलू की सुरक्षा में लगाये गए पुलिसकर्मी
लखनऊ : सरकार ने बांदा की दुराचार पीडि़त शीलू और उसके परिवारीजनों की हिफाजत के लिए सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिये हैं। उसके आवास पर चार सशस्त्र सिपाहियों की ड्यूटी 24 घंटे रहेगी। शीलू के साथ संचार उपकरणों से युक्त मोबाइल स्कोर्ट भी लगाई गई है। महिला अंगरक्षक भी उसके साथ रहेंगी। स्थानीय लोगों की पहचान रखने वालों की एक टीम भी लगाई गई है। पीएसी की एक पिकेट भी भेजी गयी है जो गांव में रहकर इनकी सुरक्षा करेगी।
सियासी बिसात पर शीलू को मोहरा बनाने की होड़
 लखनऊ, जागरण ब्यूरो : बांदा के सहबाजपुर की शीलू जेल से रिहा होने के बाद भी चैन से नहीं है। यह सही है कि उसकी रिहाई के लिए सभी दलों ने आवाज बुलंद की, लेकिन सियासी बिसात पर सब उसे अपना मोहरा बनाने की होड़ में पड़ गये हैं। सभी 2012 के विधानसभा चुनाव में सत्तापक्ष को घेरने के लिए शीलू को अपना हथियार बनाना चाहते हैं। रिहाई के बाद शीलू को अपने साथ ले जाने की जिद मे बांदा जिला कारागार के गेट पर राजनीतिक दलों ने जमकर बवाल काटा। रविवार को भी सहबाजपुर में शीलू के घर के सामने सियासी नौटंकी चलती रही। शीलू ने किसी के साथ जाने से मना कर दिया। रिहाई हो जाने भर से उसकी टीस कम नहीं हुई है। वह मान रही कि उसकी रिहाई मुख्यमंत्री मायावती के कहने से नहीं, बल्कि कोर्ट के कहने पर हुई है। जाहिर है आक्रामक हो चुकी शीलू के दिमाग को कोई रिमोट संचालित कर रहा है। बताते हैं कि शीलू नेताओं के खेमे में नहीं जाना चाहती है। अलबत्ता साथ देने वालों के प्रति वह कृतज्ञ है। शीलू के संघर्ष में बांदा के विधायक विवेक सिंह, सपा के राष्ट्रीय महासचिव विशंभर निषाद व विधायक विशंभर यादव की भूमिका रही। गुलाबी गैंग ने उसे संबल दिया। कांग्रेस और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी बांदा गये। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन, सांसद पीएल पुनिया ने सीधा हस्तक्षेप किया और 19 को वे शीलू से मिलने जाने वाले हैं। सभी दलों में शीलू को अपने साथ जोड़ने की प्रतिस्पर्धा हो गयी है। वह कहां रहे, कहां नहीं इसको लेकर भी मशक्कत चल रही है।
 हथियार उठेगा या फिर पहनेगी माला
गोविंद दुबे, बांदा : जुल्म से लड़ने का साहस कहें या फिर चाहत। शीलू अब ऐसे दोराहे पर खड़ी है जहां से वह या तो हथियार उठायेगी या फिर माला पहनेगी यानि नेता बनेगी। जेल से छूटने के बाद उसके अंदर कुछ ऐसे ही बीज अंकुरित देखे गये। उन्हें बेबाक कहा कि दुष्कर्म करने वालों को फांसी की सजा मिले। न्याय न मिला तो वह बागी बन जायेगी। पत्रकारों से बातचीत में वह पहले ही कह चुकी है कि विधायक व उसके साथियों को फांसी से कम सजा नहीं होनी चाहिये। फूलन देवी भी जुल्म की दास्तां से बागी बनी थी मुझे भी दोषियों को सजा दिलाने के लिए यह करना पड़ा तो करूंगी।
 January 18, Tuesday , 2011
शीलू को ले गई पुलिस, मचा हड़कंप
बांदा, जागरण टीम : सोमवार की सुबह पुलिस जब शीलू को पिता के साथ गांव से आठ किमी दूर ले गयी तो हड़कंप मच गया। भाई संतू ने कहा कि पुलिस पिता को मिलाकर बहन को लखनऊ मुख्यमंत्री से मिलाने के लिए ले जा रही थी। उधर, शीलू ने भी पत्रकारों से कहा कि मुझे यह नहीं बताया गया कि कहां चलना है। दो घंटे तक पुलिस घुमाती रही। वह मुझे मुख्यमंत्री से मिलाने लखनऊ ले जाना चाहती थी। बाद में जब ऊपर से फोन आया तो गांव वापस लाया गया। उसने प्रदेश पुलिस को गैरभरोसेमंद बताते हुए अपनी सुरक्षा में केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात किये जाने की मांग की। जेल से छूटने के बाद शीलू को पुलिस की कड़ी सुरक्षा बीच गांव शहबाजपुर में रोका गया है। सोमवार की सुबह करीब आठ बजे जब शीलू तैयार हुई तो पिता अच्छेलाल उसे लेकर पुलिस की गाड़ी में बैठ गया। पिता का तो यह कहना है कि वह समीप के धोबिन पुरवा गांव स्थित महेश्वरी देवी मंदिर दर्शन कराने ले गया था। संतू को जब यह मालूम हुआ कि शीलू पिता व पुलिस के साथ कहीं चली गयी है तो उसने दूरभाष से सपा नेताओं को जानकारी दी। सपा के राष्ट्रीय महासचिव विशंभर निषाद ने पुलिस के उच्चाधिकारियों व मीडिया को जानकारी दी। करीब डेढ़ घंटे बाद पुलिस की उसी गाड़ी से शीलू और उसके पिता अच्छेलाल गांव वापस आ गए। शीलू व भाई संतू की मानें तो पुलिस पिता को मिलाकर शीलू को लखनऊ मुख्यमंत्री मायावती से मिलाने के लिए ले जा रहे थे। भाई ने कहा कि इतना सब हो गया, इसके बाद भी पिता बसपा का मोह नहीं छोड़ रहा है। शीलू ने भी भाई के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि दो घंटे मुझे इधर-उधर घुमाया गया। शहबाजपुर में कैंप कर रहे अपर पुलिस अधीक्षक लालाराम ने कहा कि पिता के कहने पर पुलिस की गाड़ी में शीलू मंदिर तक गयी थी। उधर सपाइयों ने गांव पहुंचकर शीलू की सुरक्षा को लेकर हंगामा किया और यह कहा कि प्रशासन बयान बदलाने के लिए षड़यंत्र कर रहा है। शीलू को प्रदेश पुलिस पर भरोसा नहीं : शीलू ने कहा कि प्रदेश की पुलिस का भरोसा नहीं है। भारी भरकम फोर्स लगाने के बाद भी वह अपने को यहां असुरक्षित ही मान रही है। उसने कहा कि केंद्रीय पुलिस बल सुरक्षा में लगाया जाये।
काल डिटेल खंगालने में जुटी सीबीसीआइडी
लखनऊ, जाब्यू : बांदा के शीलू दुराचार काण्ड की जांच कर रही सीबीसीआइडी टीम नरैनी के विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी, बांदा के पुलिस अधीक्षक व शीलू (बरामद मोबाइल) के मोबाइल काल डिटेल तथा लोकेशन की समीक्षा कर रही है। टीम मामले में संदिग्ध पुलिसकर्मियों व जेल अफसरों के खिलाफ भी सबूत जुटा रही है। माना जा रहा है कि एक हफ्ते में सीबीसीआइडी मामले के दोषियों की रिपोर्ट शासन को सौंप देगी। सूत्रों के मुताबिक जांच टीम ने शीलू के पास से बरामद मोबाइल की काल डिटेल की समीक्षा शुरू कर दी है। जैसा कहा गया कि विधायक के घर से मोबाइल चुराने के बाद शीलू ने 150 से अधिक काल की हैं, लेकिन जिस तिथि में वह विधायक के घर मौजूद रही उस तिथि में भी उसने उसी मोबाइल से सम्पर्क के लोगों को फोन किया है। इससे प्रतीत होता है उसको विधायक ने ही मोबाइल दिया था। पुलिस अधीक्षक बांदा से विधायक की 14 दिसम्बर के बाद कितनी बार बातचीत हुई और बातचीत के दौरान उनकी लोकेशन क्या रही। इसकी भी जांच हो रही है। जिस दिन अनधिकृत रूप से पुलिस अधीक्षक के जेल जाने की बात कही जा रही है, क्या उनकी डिटेल लोकेशन जेल के आस-पास की है। विधायक ने इस अवधि में किन लोगों से बातचीत की है। कौन-कौन से पुलिस वाले पलटकर विधायक को फोन करते रहे हैं, उनकी बातचीत की अवधि क्या रही है। सभी बिन्दुओं पर सीबीसीआइडी की पड़ताल जारी है। मंदिर गयी थी शीलू : बृजलाल लखनऊ : विशेष पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था बृजलाल ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि शीलू पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था में मंदिर गयी थी। उसने खुद मंदिर जाने की इच्छा प्रकट की थी। उन्होंने इसको खारिज किया कि शीलू दो घण्टे के लिए लापता कर दी गयी थी। जांच को सपा का महिला प्रतिनिधि मण्डल गठित लखनऊ : समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शीलू दुराचार काण्ड की जांच को महिला प्रतिनिधि मण्डल का गठन किया है। प्रतिनिधि मण्डल में सांसद सुशीला सरोज, विधायक शादाब फातमा व संध्या कठेरिया के साथ महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष इन्दिरा जायसवाल, प्रदेश अध्यक्ष लीलावती कुशवाहा, दीपमाला कुशवाहा व बीना पटेल को शामिल किया गया है। जेल प्रशासन पर गिरेगी गाज! लखनऊ :अपर महानिरीक्षक कारागार योगेश कुमार शुक्ल ने सोमवार को बांदा जेल की महिला वार्डेन को वरिष्ठ अफसरों के धमकाये जाने की जांच की। उन्होंने बांदा जेल में विभागीय कर्मचारियों से वार्ता की। श्री शुक्ल मंगलवार मुख्यालय लौट महानिरीक्षक कारागार को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। इस मामले में शासन का रुख सख्त होने से बांदा जेल प्रशासन पर गाज गिरने की संभावना प्रबल हो गयी है। सुनवाई टली बांदा : शीलू के बालिग या नाबालिग होने का फैसला एक बार फिर टल गया। मामले से जुड़े दस्तावेज उच्च न्यायालय में तलब किये जाने से स्कूल संबंधी पत्रावलियां लेकर साक्ष्य देने आये प्राइमरी पाठशाला शहबाजपुर के प्रधानाध्यापक बैरंग लौट गये। अदालत ने उच्च न्यायालय से दस्तावेज न आने तक के लिए सुनवाई टाल दी है। सुरक्षा में रोज खर्च हो रहे दो लाख बांदा : शीलू की सुरक्षा में इस समय प्रतिदिन दो लाख से अधिक की धनराशि खर्च हो रही है।
 शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट इस पर करेगा विचार
नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो : वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने बांदा में बलात्कार पीडि़त लड़की की गिरफ्तारी की न्यायिक जांच की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा। बांदा में बसपा विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी पर नाबालिग लड़की से बलात्कार का आरोप है। पुलिस ने पीडि़ता को विधायक के घर चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था जिसे चार सप्ताह बाद मुख्यमंत्री मायावती ने अपने जन्मदिन पर रिहा करा दिया था। सोमवार को पुलिस सुधार मामले में सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने मुख्य न्यायाधीश एस.एच. कपाडि़या की अध्यक्षता वाली पीठ से बांदा कांड का जिक्र किया। उन्होंने पीठ को दो पेज का नोट सौंपा। इसमें कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में गंभीर घटना हुई। जिसके खिलाफ शिकायत थी वह शिकायत के एक महीने बाद तक खुला घूमता रहा। उन्होंने कहा कि पीडि़ता की ंिगरफ्तारी में शामिल अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। पीठ ने शुक्रवार को सुनवाई की सहमति जताई।
 January 19, Wednesday , 2011
 अनशन पर बैठी शीलू
 बांदा, जागरण टीम : शहर आने को छटपटा रही शीलू चौथे दिन भी शहबाजपुर में कैद रही। सोमवार रात से ही गायब भाई संतू ने मड्डगलवार को यह बताकर सनसनी फैला दी कि उसे दो बाइक सवार उठा ले गए थे, चिल्लाने पर बाइक सवार उसे शंकरबाजार में छोड़कर चले गए तो वह वहां से नाना के घर चला गया था। इधर, सुरक्षित जगह पहुंचाने व दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शीलू सुबह अनशन पर बैठ गयी। लोगों के समझाने पर दोपहर बाद खाना खाया। पुलिस-पीएसी के पहरे के बीच सपाइयों का गांव में जमघट लगा रहा। इस बीच सपाइयों ने धक्का-मुक्की करते हुए सीओ नरैनी को दौड़ाया तो उन्होंने स्कूल के पीछे छिपकर जान बचायी। उधर पुलिस को चकमा देकर दुष्कर्म के चौथे आरोपी रावण ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया, उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.लखनऊ, जागरण ब्यूरो : बांदा के शीलू दुराचार काण्ड में पीपुल्स यूनियन आफ सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोषी वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध की गयी कार्रवाई की रिपोर्ट मांगकर सरकार की मुश्किल बढ़ा दी है। अगली सुनवाई के लिए 21 जनवरी की तिथि मुकर्रर है। सूत्रों के मुताबिक कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद सीबीसीआइडी टीम को जांच में और तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। 21 यानि शुक्रवार से पहले संभव है शासन दोषी अफसरों को दण्डित कर दे। नरैनी विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी और उनके तीन साथियों पर शीलू के साथ सामूहिक दुराचार का आरोप है। दुराचारियों ने कूटरचित ढंग से शीलू को चोरी के मामले में 15 दिसम्बर को जेल भिजवा दिया, जो एक माह बाद रिहा हुई। शीलू पर मुकदमा दर्ज करने और दोषियों को बचाने में अफसरों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस मामले में तत्कालीन कार्यवाहक थानाध्यक्ष जब्बार को निलम्बित और थानाध्यक्ष शिवमिलन को हटा दिया गया है, लेकिन बाकी किसी अफसर पर कार्रवाई नहीं हुई है। आरोप है कि पुलिस अधीक्षक ने रुचि लेकर शीलू पर बयान बदलने का दबाव बनाया और अनधिकृत रूप से जेल गये। जेल अधीक्षक, जेल के डाक्टर, सीएमओ, महिला अस्पताल की सीएमएस और अन्य कई पर गलत तरीके से विधायक का साथ देने का आरोप है। सूत्रों का कहना है कि सीबीसीआइडी की जांच में कई लोग दोषी पाये गये हैं। काल डिटेल लोकेशन के आधार पर भी कुछ लोगों के दोष सिद्ध होने की उम्मीद है।

दण्डित होंगे दोषी अफसर!
 लखनऊ, जागरण ब्यूरो : बांदा के शीलू दुराचार काण्ड में पीपुल्स यूनियन आफ सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोषी वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध की गयी कार्रवाई की रिपोर्ट मांगकर सरकार की मुश्किल बढ़ा दी है। अगली सुनवाई के लिए 21 जनवरी की तिथि मुकर्रर है। सूत्रों के मुताबिक कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद सीबीसीआइडी टीम को जांच में और तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। 21 यानि शुक्रवार से पहले संभव है शासन दोषी अफसरों को दण्डित कर दे। नरैनी विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी और उनके तीन साथियों पर शीलू के साथ सामूहिक दुराचार का आरोप है। दुराचारियों ने कूटरचित ढंग से शीलू को चोरी के मामले में 15 दिसम्बर को जेल भिजवा दिया, जो एक माह बाद रिहा हुई। शीलू पर मुकदमा दर्ज करने और दोषियों को बचाने में अफसरों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस मामले में तत्कालीन कार्यवाहक थानाध्यक्ष जब्बार को निलम्बित और थानाध्यक्ष शिवमिलन को हटा दिया गया है, लेकिन बाकी किसी अफसर पर कार्रवाई नहीं हुई है। आरोप है कि पुलिस अधीक्षक ने रुचि लेकर शीलू पर बयान बदलने का दबाव बनाया और अनधिकृत रूप से जेल गये। जेल अधीक्षक, जेल के डाक्टर, सीएमओ, महिला अस्पताल की सीएमएस और अन्य कई पर गलत तरीके से विधायक का साथ देने का आरोप है। सूत्रों का कहना है कि सीबीसीआइडी की जांच में कई लोग दोषी पाये गये हैं। काल डिटेल लोकेशन के आधार पर भी कुछ लोगों के दोष सिद्ध होने की उम्मीद है।
शीलू को राजनीति में उतारेगी सपा
 बांदा : जेल से छूटने के बाद चार दिन से चल रही राजनीतिक धमाचौकड़ी में मंगलवार को यह साफ हो गया कि शीलू समाजवादी पार्टी के पाले में चली गयी। महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में आये प्रतिनिधि मंडल ने शीलू को आश्र्वस्त किया कि पढ़ा लिखाकर चुनाव लड़ाया जायेगा। शीलू ने भी हामी भर दी फिर क्या जिला कमेटी ने शीलू की मदद के लिए तीन लाख की नगद धनराशि हाथों में सौंप दी। पुलिस को चकमा देकर कोर्ट पहुंच गया रावण बांदा : शीलू के साथ दुष्कर्म के चौथे आरोपी रावण को पुलिस नहीं पकड़ पायी। आखिर उसने मंगलवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। सीजेएम ने अभियुक्त को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिये। संतू का दावा, चिल्लाने पर शंकर बाजार में छोड़ा बांदा : शीलू प्रकरण में प्रतिदिन कोई न कोई नयी खबर जुड़ रही है। सोमवार को शीलू ने आरोप लगया कि पुलिस कर्मी उसे पूजा के बहाने बंधक बनाकर लखनऊ लिये जा रहे थे तो देर शाम उसका भाई संतू गायब हो गया। मंगलवार दोपहर जब वह सामने आया तो बताया कि उसे दो बाइक सवार गांव से उठा ले गये थे। शंकर बाजार में जब वह चिल्लाया तो उसे छोड़कर बाइक सवार भाग खड़े हुये और वह नाना-नानी के यहां चला गया।
आँसू पोंछने पहुँचे पुनिया January 20, Thursday , 2011
 बांदा : एससीएसटी आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया ने शीलू से मुलाकात कर कहा कि सत्ताधारी पार्टी के विधायक से लड़ाई लड़कर इस बेटी ने साहस का परिचय दिया है। मैं यहां राजनीति करने नहीं, शीलू को न्याय दिलाने आया हूँ। उन्होंने कहा कि यहां के दागी डीएम व एसपी को भी जेल भेजा जाना चाहिए। दलित मुक्त जागरण अभियान के तहत आये श्री पुनिया शहबाजपुर पहुंचकर शीलू व उसके परिजनों से मुलाकात की। शीलू ने विधायक के अत्याचारों को बयां किया। उन्होंने कहा कि इस सरकार के आईएएस, पीसीएस अधिकारी कठपुतली की तरह हैं। अधिकारी यदि सजग होते तो शीलू जेल न पहुंचती। विधायक व उसके साथी पहले ही गिरफ्तार हो जाते। जिले के एसपी और डीएम इसके लिए दोषी हैं। उन्हें बांदा की जेल में ही बंद होना चाहिये। श्री पुनिया ने शीलू के पिता अच्छेलाल व भाई संतू से मुलाकात की। सुरक्षा व्यवस्था व प्रशासन द्वारा किसी तरह के दबाव के बारे में पूछा। बताते हैं कि भाई ने कहा कि कुछ अधिकारी उसकी बहन पर बयान बदलवाने का दबाव बना रहे हैं। शीलू व भाई संतू ने कहा कि सभी दलों ने उसकी लड़ाई लड़ी है, इसलिए वह किसी पार्टी से जुड़े नहीं है। भाई ने कहा कि वह बहन के साथ किसी सुरक्षित स्थान पर रहना चाहता है। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री पुनिया ने कहा कि शीलू जैसी ही घटना अंबेडकर नगर, मुरादाबाद व कानपुर में जो हुई हैं, उससे प्रदेश सरकार का घिनौना चेहरा सामने आ गया है। यह सरकार विधायक व गुंडों को संरक्षण दे रही है। अत्याचार की सीमाएं टूट गयी हैं। ऐसे में केंद्र सरकार हस्तक्षेप कर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन भी लागू कर सकती है। श्री पुनिया ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार द्वारा प्रोटोकाल में संशोधन कर विशेष अतिथि से हटाने का कार्य भेदभाव उजागर कर रहा है। उन्होंने कहा कि मेरी हत्या करायी जा सकती है और यदि ऐसा हुआ तो प्रदेश की मुखिया जिम्मेदार होगी।


बांदा रेप केस: यूपी सरकार और CBI को SC का नोटिस

नव भारत टाईम्स 21 Jan 2011, 1550 hrs IST,आईएएनएस
बांदा रेप केस: यूपी सरकार और CBI को SC का नोटिस
नई दिल्ली।। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए रेप मामले की न्यायिक जांच कराने के लिए दायर एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी किया।

याचिका में कहा गया है कि जिस किशोरी के साथ रेप किया गया, उसे 33 दिनों तक जेल में बंद कर किशोर न्याय अधिनियम का उल्लंघन किया गया।

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति आफताब आलम और न्यायमूर्ति आर. एम. लोढ़ा की दो सदस्यीय खंडपीठ के समक्ष याचिकाकर्ता ने कहा कि किशोर न्याय अधिनियम (बच्चों की देखभाल और अधिनियम) के तहत किशोर को हिरासत में नहीं रखा जा सकता।

अधिवक्ता एन. राजा रमण ने अपनी जनहित याचिका में अदालत से कहा है कि यह केवल इसी मामले तक सीमित नहीं है बल्कि अन्य मामलों में भी मजिस्ट्रेट किशोर को पुलिस हिरासत में भेज देते हैं। उन्होंने अदालत से इस मुद्दे को बड़े पैमाने पर संज्ञान में लेने का आग्रह किया।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी ने पिछले महीने कथित तौर पर एक किशोरी के साथ रेप किया था। किशोरी पर चोरी का झूठा आरोप लगाकर उसे करीब एक महीने तक पुलिस हिरासत में रखा गया। किशोरी को इसी महीने रिहा किया गया।

द्विवेदी ने किशोरी पर लाइसेंसी रिवॉल्वर, एक मोबाइल फोन और 5,000 रुपये नकदी चुराने का कथित आरोप लगाया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।

पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री मायावती ने आपराधिक जांच विभाग की अपराध शाखा (सीबीसीआईडी) की प्राथमिक जांच के आधार पर द्विवेदी को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था। जांच के दौरान यह पाया गया कि किशोरी के साथ रेप किया गया है। द्विवेदी को गिरफ्तार कर बांदा जेल भेज दिया गया।


रेपिस्ट MLA के समर्थकों ने किया टाइम्स नाउ पत्रकारों पर हमला
नई दिल्ली।। बांदा रेप केस के आरोपी बीएसपी से निष्कासित MLA पुरुषोत्तम द्विवेदी के समर्थकों ने शुक्रवार को हमारे सहयोगी चैनल टाइम्स नाउ के पत्रकारों पर हमला कर दिया। शुकवार को बांदा रेप केस की सुनवाई के दौरान स्थानीय अदालत में भारी पुलिस व्यवस्था के बीच द्विवेदी के समर्थकों ने चैनल के कैमरामैन के साथ मारपीट की और कैमरा भी तोड़ दिया। गौरतलब है कि कोर्ट ने एमएलए की जुडिशल कस्टडी 14 दिन के लिए बढ़ा दी है।

एमएलए के समर्थकों का कहना है कि चैनल इस मामले की गलत रिपोर्टिंग कर रहा है। जबकि इतनी सुरक्षा व्यवस्था के होते हुए चैनलकर्मियों के साथ मार-पीट को देखते हुए यह लग रहा था कि पुलिस एमएलए समर्थकों के साथ मिली हुई है।

कोर्ट के फैसले के बाद रेपिस्ट एमएलए ने कोर्ट से बाहर जाते हुए फिर धमकी दी और मीडिया पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह मीडिया की वजह से जेल में हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने कहा था कि मेरे खिलाफ राजनीतिक साजिश है रची गई है, लेकिन मैंने कभी भी इसका बदला लेने की बात नहीं कही।' द्विवेदी ने कहा, 'मीडिया ने मेरी बातों को गलत तरीके से पेश किया है। मैं मीडिया की वजह से जेल में हूं। लेकिन मुझे न्याय व्यवस्था और सरकार पर पूरा विश्वास है। मुझे इंसाफ मिलेगा।'

गौरतलब है कि बांदा कि दलित लड़की के साथ रेप केस में शुक्रवार को अडिशनल सीजेएम संजीव कुमार जायसवाल ने रेपिस्ट एमएलए द्विवेदी के अलावा अन्य आरोपियों राजेंद्र शुक्ला, सुरेंद्र नेता और रावण गर्ग की रिमांड अवधि बढ़ा दी। वहीं, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को यूपी पुलिस और यूपी सरकार को नोटिस जारी किए।

एक माह बाद शीलू जेल से रिहा

दैनिक जागरण कानपुर, January 16, Sunday , 2011 
एक माह बाद शीलू जेल से रिहा
 बांदा, जागरण टीम : कोई कुछ भी समझे, लेकिन जुल्म सहने के बाद उल्टे जेल यातना भुगत रही शीलू के लिए रिहाई तो मुख्यमंत्री के जन्मदिन का रिटर्न गिफ्ट ही कहा जा सकता है। नरैनी विधायक के घर चोरी के आरोप में बंद शीलू आखिरकार जेल से ठीक एक माह बाद शनिवार को शाम 7.20 बजे रिहा हो गई। लेकिन वह रात्रि नौ बजे ही जेल के गेट से बाहर निकल सकी। क्योंकि उसे साथ ले जाने के लिए बाहर डटे कुछ संगठनों में खींचतान मची थी। उसके बाहर आने पर उमड़ी भीड़ ने युद्धविजेता की भांति उसका स्वागत किया। फूल-मालाओं की वर्षा हुई तो आतिशबाजी से आसमान सतरंगी हो उठा। कड़ी सुरक्षा में पुलिस अपने वाहन से शीलू को उसके गांव सहबाजपुर छोड़ने चली गई। विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी के घर चोरी के मामले में शीलू उसी 15 तारीख को ही रिहा हुई, जिस 15 तारीख को पिछले माह वह बंद हुई थी। शीलू की रिहाई के लिए सीबीसीआइडी ने रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने धारा 169 सीआरपीसी के तहत मुकदमा वापस लेने का प्रार्थना पत्र दिया था। जिस पर सुनवाई करने के बाद अदालत ने 20 हजार के निजी मुचलके पर शीलू को रिहा करने के आदेश दिये। मुख्यमंत्री का फरमान मिलते ही मामले की जांच कर रही सीबीसीआइडी के दो सदस्यीय दल इंस्पेक्टर अमर व विजय ने एपीओ राजेंद्र सहाय के साथ रिमांड मजिस्ट्रेट ओमवीर के सामने प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें उन्होंने उल्लेख किया कि शीलू के ऊपर चोरी का मुकदमा नहीं बनता, लिहाजा उसकी रिहाई के आदेश दिये जायें। हमारे स्टेट ब्यूरो के अनुसार लखनऊ में शनिवार की सुबह सीबीसीआइडी की फाइनल ड्राफ्ट रिपोर्ट मिलते ही मुख्यमंत्री मायावती ने शीलू की रिहाई के आदेश दिये। उन्होंने कहा कि सीबीसीआइडी की जांच रिपोर्ट में शीलू पर लगाये गये आरोप सही नहीं पाये गये हैं। इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी। मुख्यमंत्री ने शीलू पर फर्जी आरोप लगाने वालों तथा चोरी का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है। उन्होंने प्रमुख सचिव गृह को पीडि़त शीलू को समुचित सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया। अपने जन्म दिन के मौके पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने शीलू प्रकरण में पहली बार सीधी टिप्पणी की। उन्होंने शीलू को निर्दोष बताते हुए कहा कि उनकी सरकार में सत्ता पक्ष अथवा विपक्ष के किसी भी व्यक्ति को कानून के साथ खिलवाड़ करने नहीं दिया जायेगा, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली तथा शक्तिशाली क्यों न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच में दोषी पाये जाने पर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।बांदा में सुनवाई के दौरान विधायक के पुत्र मयंक के अधिवक्ताओं ने शीलू की रिहाई प्रार्थना पत्र का विरोध किया। रिमांड मजिस्ट्रेट द्वारा प्रार्थना पत्र पर कोई आदेश न दिये जाने के बाद मामला जनपद न्यायाधीश के पास पहुंचा। उनके हस्तक्षेप के बाद शाम करीब साढ़े छह बजे रिमांड मजिस्ट्रेट ने 20 हजार के निजी मुचलके पर शीलू की रिहाई के आदेश दिये। रात्रि में शीलू जेल से बाहर आ गई। उल्लेखनीय है कि नरैनी क्षेत्र के विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी के घर में शीलू के साथ 11 दिसंबर की रात सामूहिक दुराचार हुआ लेकिन 14 दिसंबर को उसके खिलाफ चोरी का कूटरचित मुकदमा दर्ज कराकर उसे जेल भेज दिया गया। शीलू ने जेल से आपबीती अदालत को भेजी। अदालत ने उचित कार्रवाई के लिए एसपी बांदा को शीलू का पत्र स्थानांतरित किया, लेकिन पत्र को अधूरा बताकर उन्होंने लौटा दिया। वे अनधिकृत रूप से जेल में शीलू पर बयान बदलने के लिए दबाव डालने पहुंचे। विपक्षी दलों ने हंगामा खड़ा कर दिया तो 1 जनवरी को मुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच सीबीसीआइडी को सौंपी और 12 जनवरी को प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद विधायक और उनके तीन सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। इस मुकदमे की विवेचना की जिम्मेदारी सीबीसीआइडी को सौंपी गयी। 13 जनवरी को विधायक बांदा में गिरफ्तार कर लिये गये। हाईकोर्ट ने लिया स्वत:संज्ञान : इलाहाबाद : उधर आज दिन में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी शीलू प्रकरण का स्वत: संज्ञान लेते हुए शीलू को तत्काल प्रभाव से जेल से रिहा करने का निर्देश दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति इम्तियाज मुर्तजा व न्यायमूर्ति एससी अग्रवाल की खंडपीठ ने दिया। न्यायालय ने जिला जज बांदा को चोरी की प्राथमिकी संबंधी केस स्पेशल मैसेंजर से सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/सीजेएम बांदा को भेजने का निर्देश दिया है। अदालत ने सुनवाई की अगली तिथि 18 जनवरी पर चोरी संबंधी मामले की केस डायरी भी तलब की है।
जेल भेजने वाला दरोगा निलंबित
बांदा,जासं : चर्चित शीलू प्रकरण में चोरी का मुकदमा फर्जी साबित होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने घटना के दिन अतर्रा थाने के प्रभारी रहे एसआई अब्दुल जब्बार को निलंबित कर दिया। अतर्रा थाने के वर्तमान प्रभारी शिवमिलन को भी वहां से हटा दिया गया। विधायक की गिरफ्तारी करने वाले फतेहगंज थानाध्यक्ष घनश्याम पांडेय को अतर्रा थाने का प्रभार सौंपा गया है। ध्यान रहे कि मुंसिफ कोर्ट परिसर में घनश्याम पांडेय ने ही शीलू द्वारा पत्रकारों की ओर फेंकी गई चिट्ठी फाड़ी थी। इस चिट्ठी में उसने अपने साथ हुए जुल्म का उल्लेख किया था। पुलिस अधीक्षक को शासन के सख्त रुख का शायद अब अहसास होना शुरू हुआ। शीलू प्रकरण पर पुलिस ने जो कुछ भी किया, सीबीसीआइडी ने पोल खोलकर रख दी है। अपने बचाव के लिए पुलिस अधीक्षक अनिल दास ने तत्काल चोरी की घटना के दिन अतर्रा थाने के प्रभारी रहे एसआई अब्दुल जब्बार को बिना तहकीकात के एफआईआर दर्ज करने के आरोप में निलंबित कर दिया। विधायक की गिरफ्तारी में मुख्य भूमिका निभाने वाले थानाध्यक्ष फतेहगंज घनश्याम पांडेय को थाना अतर्रा का प्रभार दे दिया गया। ध्यान रहे कि घनश्याम पांडेय ने मुंसिफ कोर्ट परिसर में शीलू की चिट्ठी फाड़ी थी, ताकि वह मीडिया के हाथ न लग सके। विधायक की गिरफ्तारी की योजना भी उनके ही आवास पर बैठकर बनाई थी। पांडेय ने शनिवार को पहुंच चार्ज भी ग्रहण कर लिया।
  

शीलू कांड में एएसपी-जेलर समेत पांच निलंबित

दैनिक जागरण January 21, Friday , 2011 
 शीलू कांड में एएसपी-जेलर समेत पांच निलंबित
.लखनऊ, जागरण ब्यूरो मुख्यमंत्री मायावती ने बांदा के शीलू कांड में एएसपी लालाराम, अतर्रा के सीओ राजेन्द्र यादव, तत्कालीन कार्यवाहक थानाध्यक्ष अब्दुल जब्बार, विवेचक (आईओ) राधेश्याम शुक्ला और जेलर ज्ञान प्रकाश को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया। सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने बांदा के एसपी को क्लीन चिट दे दी है, जबकि उन पर भी कई गंभीर आरोप लगे थे। वहीं, उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने शीलू और कानपुर के दिव्या कांड (दुराचार व हत्या का मामला) में डीजीपी व एडीजी (कानून-व्यवस्था) की भूमिका की जांच की मांग को लेकर दाखिल याचिका को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष इसी मामले की हो रही सुनवाई के साथ जोड़े जाने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को कालिदास मार्ग स्थित अपने आवास पर पत्रकारों को पांचों पुलिस अधिकारियों के निलंबन की जानकारी दी। सीबीसीआइडी के आरोप पत्र में राधेश्याम शुक्ल, अब्दुल जब्बार को विवेचना कार्य में विलंब व लापरवाही बरतने, सीओ राजेन्द्र यादव और एएसपी लालाराम को लापरवाही का दोषी करार दिया है। जेलर ज्ञानप्रकाश अधीनस्थों की शिकायतों पर ध्यान न देने पर नपे। उल्लेखनीय है कि जब्बार के निलंबन की घोषणा पहले भी की गई थी। भविष्य में शीलू और दिव्या (कानपुर में दुष्कर्म के बाद नाबालिग की मौत का प्रकरण) जैसे मामले फिर न हों, इसलिए मुख्यमंत्री ने विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) बृजलाल को वर्तमान स्थिति के आकलन के बाद अपनी संस्तुति शासन को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही सरकार ने अदालत से अनुरोध किया है कि शीलू कांड की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए।

विधायक पर ही चलेगा दुष्कर्म का केस
जागरण संवाददाता, बांदा शीलू दुराचार कांड का आरोपपत्र सीबीसीआइडी ने गुरुवार शाम 5:00 बजे मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में दाखिल कर दिया। 48 पन्नों के आरोपपत्र में सिर्फ विधायक के खिलाफ ही दुष्कर्म का आरोप लगाया गया है। अन्य आरोपियों के खिलाफ छेड़छाड़ व मारपीट के आरोप हैं। आरोपों को पुष्ट करने के लिए साक्ष्य भी दिए गए हैं। हाईकोर्ट से कार्रवाई की रिपोर्ट तलब हो जाने से जांच एजेंसी ने 24 घंटे के अंदर ही रिकार्डो को खंगालकर व दोबारा पूछताछ कर आरोपपत्र तैयार किया। सीबीसीआइडी की लखनऊ व इलाहाबाद ब्यूरो की टीमें बुधवार को बांदा आ गई थीं। टीम ने कोर्ट का आदेश लेकर बुधवार की रात जेल में निरुद्ध नरैनी के बसपा विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी, रावण, राजेंद्र शुक्ला व सुरेश नेता से पूछताछ की। सुबह जांच टीम ने शहबाजपुर पहुंचकर शीलू से पूछताछ की। फिर शीलू, पिता अच्छेलाल व भाई संतू को लेकर अतर्रा स्थित विधायक आवास, तुर्रा पुल जहां कथित चोरी के बाद शीलू ठहरी थी, का स्थलीय निरीक्षण किया। इसके बाद सीबीसीआइडी के विवेचक विवेक कुमार भट्ट व अपर एसपी एसके सिंह ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी तृप्ता चौधरी की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। आरोप पत्र में दुराचार की धारा केवल विधायक पर ही लगाई गई है। जबकि अन्य चार नामजदों पर साजिश, मारपीट, छेड़छाड़ व अपराध में सहयोग की धाराएं लगाई गई हैं। इस मामले में सीबीसीआइडी ने बहुत तेजी से कार्य किया। शासन ने इस प्रकरण में जल्द पुख्ता कार्रवाई के लिए जांच एजेंसी को निर्देश दिए थे। 12 जनवरी को विधायक सहित पांच आरोपियों पर दुष्कर्म व छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया। आठ दिन में जांच एजेंसी ने अभियुक्तों से पूछताछ व साक्ष्य एकत्रित कर बुधवार को आरोपपत्र दाखिल कर दिया। कांग्रेस ने भी दिए दो लाख पीडि़त शीलू को समाजवादी पार्टी द्वारा तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिये जाने के बाद गुरुवार को कांग्रेस की ओर से भी उसे दो लाख रुपये दिये गए। विधायक विवेक सिंह ने इस धनराशि का चेक शीलू को दिया।

सुप्रीम कोर्ट में उठी पीडि़ता को जेल भेजने की जांच की मांग
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली बांदा बलात्कार कांड की नाबालिग पीडि़ता को जेल भेजे जाने की घटना की जांच की मांग सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। दो वकीलों इरुदया नाथन और संजय गौतम ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। शुक्रवार को इस पर सुप्रीम कोर्ट से शीघ्र सुनवाई की मांग की जाएगी। गत सोमवार को पुलिस सुधार मामले में सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने नाबालिग को जेल भेजे जाने की इस घटना की न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने साल्वे से कहा था कि वे इस अर्जी पर शुक्रवार को सुनवाई करेंगे। वकीलों की ओर से दाखिल याचिका में नाबालिग को जेल भेजने की घटना को किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) कानून का उल्लंघन बताया है। कहा गया है कि किशोर कानून के मुताबिक किशोरों से संबंधित मामलों की सुनवाई का अधिकार सिर्फ जुविनाइल जस्टिस बोर्ड को ही है। साधारण अदालतें आरोपी किशोर को हिरासत में नहीं भेज सकतीं। याचिका में नाबालिग लड़की को जुविनाइल बोर्ड के बजाय हिरासत में भेजे जाने की घटना की जांच कराये जाने की मांग की गई है। यही नहीं, पीडि़ता को अंतरिम मुआवजा दिलाये जाने और लड़की को धमकाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की गई है। याचिका में कोर्ट से ऐसे मामलों में दिशानिर्देश तय करने का भी अनुरोध किया गया है। बांदा में पिछले दिनों विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली नाबालिग लड़की को पुलिस ने चोरी के आरोप में जेल भेज दिया था। यह आरोप विधायक की ओर से लगाया गया था।
Kanpur Edition
विधायक पर ही चलेगा दुष्कर्म का मुकदमा
बांदा, जागरण टीम : शीलू दुराचार कांड की चार्जशीट सीबीसीआइडी ने गुरुवार शाम पांच बजे मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में दाखिल कर दी है। आरोप पत्र में विधायक के खिलाफ दुराचार के भी साक्ष्य दिए हैं। इसके अलावा चार अन्य पर छेड़छाड़ व मारपीट का मामला है। इससे यह तय है कि विधायक पर ही दुष्कर्म का मुकदमा चलेगा। हाईकोर्ट से कार्रवाई रिपोर्ट तलब होने से जांच एजेंसी ने 24 घंटे में रिकार्ड खंगालकर व दोबारा पूछताछ कर आरोप पत्र तैयार कर लिया है। सीबीसीआइडी की लखनऊ व इलाहाबाद ब्यूरो की टीमें बुधवार को जनपद आ गयी थीं। कोर्ट का आदेश लेकर बुधवार रात नरैनी के बसपा विधायक पुरुषोत्तम द्विवेदी व जेल में बड्डद रावण, राजेंद्र शुक्ला व सुरेश से पूछताछ की। सुबह जांच टीम शहबाजपुर पहुंचकर शीलू से पूछताछ की, फिर शीलू, पिता अच्छेलाल व भाई संतू को लेकर अतर्रा स्थित विधायक आवास, तुर्रा पुल जहां कथित चोरी में शीलू ठहरी थी, का स्थलीय निरीक्षण किया। सीबीसीआइडी के विवेचक विवेक कुमार भट्ट व अपर एसपी एसके सिंह ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी तृप्ता चौधरी की अदालत में चार्जशीट के साथ 48 पृष्ठों का आरोप दाखिल किया। सीबीसीआइडी की एक टीम अदालत में अपराह्न ढाई बजे ही दाखिल हो गयी थी। पहले चैम्बर में जिला जज व अभियोजन अधिकारियों से आरोप पत्र के संबंध में चर्चा की। एक टीम ने डीआइजी से मुलाकात की। आरोप पत्र में विधायक के विरुद्ध आईपीसी की धारा 376, 147, 343, 354, 323, 504 और 506 लगायी गयी है। चार अन्य नामजद आरोपियों पर 376 छोड़कर अन्य धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। आठ दिन में दाखिल हो गयी चार्जशीट : शीलू के साथ बलात्कार के मामले में सीबीसीआईडी ने बेहद तेजी से कार्य किया है। 21 जनवरी को हाईकोर्ट में कार्रवाई देने के पहले ही शासन ने इस प्रकरण में पुख्ता कार्यवाही के लिए जांच एजेंसी को निर्देश दिये थे। 12 दिसंबर को विधायक सहित पांच आरोपियों पर दुष्कर्म व छेड़छाड़ का मुकदमा पंजीकृत किया गया था। आठ दिन के अंदर जांच एजेंसियों ने अभियुक्तों से पूछताछ कर 20 जनवरी को चार्ज सीट दाखिल कर दिया। सीबीसीआईडी के आरोप पत्र से यह स्पष्ट हो गया कि शीलू प्रकरण में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध रही। अतर्रा थानाध्यक्ष, क्षेत्राधिकारी व विवेचना अधिकारी ने विधायक को बचाने के लिए ऐसा खेल किया कि शीलू को जेल की सीखचों के पीछे पहुंचना पड़ा।

बांदा रेप केसः आरोपी बीएसपी विधायक की हिरासत बढ़ी

 आजतक ब्यूरो | लखनऊ, 21 जनवरी 2011 | अपडेटेड: 13:44 IST
बांदा रेप केसः आरोपी बीएसपी विधायक की हिरासत बढ़ी
बांदा बलात्कार कांड में आरोपी विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी की हिरासत अवधी बढ़ा दी गई है. दलित लड़की से कथित रूप से बलात्कार के मामले में सीबीसीआईडी ने पहले ही बांदा की अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर अपनी रिपोर्ट सरकार को पेश कर दी है.
दूसरी ओर मुख्यमंत्री मायावती ने लापरवाही के आरोप में चार पुलिसकर्मियों तथा बांदा के जेलर को निलम्बित कर दिया. पुलिस अधिकारी राधेश्याम शुक्ला के अलावा सम्बन्धित थाने के कार्यवाहक प्रभारी अब्दुल जब्बार, अतर्रा के क्षेत्राधिकारी राजेन्द्र यादव तथा अपर पुलिस अधीक्षक लालाराम को सीबीसीआईडी की रिपोर्ट के आधार पर लापरवाही बरतने के आरोप में निलम्बित कर दिया गया है.
पीड़ित लड़की ने गत 20 दिसम्बर को जेल चिकित्सक को आप बीती सुनाई थी, लेकिन जेलर ज्ञान प्रकाश ने अपने अधीनस्थ कर्मचारी की बात को गम्भीरता से नहीं लिया. लिहाजा, जेलर को भी शिथिलता बरतने के आरोप में निलम्बित कर दिया गया है.
मुख्यमंत्री मायावती ने बताया कि राज्य सरकार ने अदालत से इस प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत से कराने का आग्रह किया है.
गौरतलब है कि, उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में 17 साल की एक दलित लड़की से कथित तौर पर बसपा के विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी ने गत 10 और 11 दिसंबर को अपने आवास पर बलात्कार किया. जब 12 दिसंबर को विधायक ने उसके साथ कथित तौर पर फिर से बलात्कार करने का प्रयास किया तो वह किसी तरह वहां से भाग निकली.
लड़की को हालांकि, विधायक के भाई द्वारा उसके खिलाफ दर्ज कराए गए चोरी के झूठे मामले में गिरफ्तार कर लिया गया.
48 वर्षीय द्विवेदी को बाद में बांदा से गिरफ्तार कर लिया गया.

IBN -7 Jan 21, 2011 at 02:02pm IST

बांदा रेप कांड: SC ने पूछा, पीड़ित नाबालिग को जेल क्यों?


बांदा। बांदा बलात्कार कांड में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि कथित नाबालिग लड़की को जेल कैसे भेजा गया। कोर्ट ने एक वकील की याचिका पर ये नोटिस जारी किया है। बलात्कार के बाद पीड़ित लड़की के खिलाफ विधायक ने चोरी का फर्जी मामला दर्ज कराया था।
दरअसल बांदा पुलिस ने विधायक की शिकायत पर पीड़ित लड़की को गिरफ्तार करके बाल न्यायालय में पेश करने की बजाय लड़की को जेल भेज दिया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट के दखल के बाद पीड़ित लड़की की जेल से रिहाई हो पाई। यही नहीं, सीबी सीआईडी ने भी अपनी जांच में पाया कि विधायक के कहने पर पीड़ित लड़की के खिलाफ फर्जी मामला दर्ज किया गया था।
आज सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और सीबी सीआईडी को नोटिस जारी किया है। एक वकील ने याचिका दाखिल कर मांग की है कि पीड़ित को जेल क्यों भेजा गया जब उसकी उम्र 18 साल से कम है। इसके अलावा वकील ने इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। अदालत ने दो हफ्ते में पूरे मामले पर सरकार से जवाब मांगा है।
हिंदुस्तान Published:21-01-11 03:40 PM
बलात्कार कांड: विधायक सहित चारों आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ी
बांदा, एजेंसी

बांदा के बहुचर्चित बलात्कार कांड के अभियुक्त सत्तारुढ़ दल के विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी सहित चार लोगों को शुक्रवार को एसीजीएम प्रथम की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
विधायक द्विवेदी सहित चारों आरोपियों की तरफ से मजिस्ट्रेट संजीव कुमार जायसवाल को प्रार्थनापत्र देकर अनुरोध किया गया है कि उनकी शिनाख्त जेल में ही करायी जाये। मजिस्ट्रेट जायसवाल ने आरोपियों के प्रार्थना पत्र पर अभी कोई निर्णय नहीं दिया है।
उल्लेखनीय है कि विधायक द्विवेदी गत 13 जनवरी को एक दलित लड़की से बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजे गये थे और इस मामले की जांच कर रही सीबीसीआईडी टीम ने कल अपनी जांच रिपोर्ट अदालत को सौंप दी। अदालत में पेश चारों आरोपियों को उन पर दर्ज मुकदमों की जानकारी भी दी गयी। इनमें विधायक द्विवेदी पर बंधक बनाये जाने और बलात्कार के आरोप 343 व 376 की धारायें लगायी गयी हैं, जबकि अन्य तीन अभियुक्तों पर बंधक बनाने का आरोप दर्ज किया गया है।





अमरउजाला Friday, January 21, 2011  |  Last Update - 5:08:44 PM IST
बांदा मामले में चौथे आरोपी का सरेंडर



Story Update : Tuesday, January 18, 2011    6:16 PM
बांदा बलात्कार मामले में चौथे आरोपी रावण ने मंगलवार को पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया। इस मामले में नरैनी क्षेत्र के बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी सहित चार लोगों के खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज किया गया था। विधायक और दो अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अतर्रा थाना प्रभारी घनश्याम पांडेय ने बताया कि आरोपी रावण ने मंगलवार दोपहर खुद को पुलिस के हवाले कर दिया।

तीन आरोपी पहले गिरफ्तार हो चुके
राज्य सरकार के आदेश पर बसपा विधायक द्विवेदी एवं राजेंद्र शुक्ला, रावण और सुरेश नेता के खिलाफ बलात्कार, छेड़छाड़, मारपीट तथा जान से मारने की धमकी का मुकदमा अतर्रा थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 354, 504, 506 के तहत दर्ज किया गया था। इस मामले में आरोपी राजेंद्र और सुरेश को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके कुछ दिनों बाद ही विधायक को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। आरोपी रावण की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही थी। उल्लेखनीय है कि नरैनी क्षेत्र के शहबाजपुर गांव की एक लड़की ने अदालत में लिखित बयान देकर विधायक और उनके तीन सहयोगियों पर कथित तौर पर बंधक बनाकर बलात्कार करने का आरोप लगाया था।

बांदा केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेः मोइली


Story Update : Saturday, January 15, 2011    3:24 AM
बांदा रेप कांड में बसपा विधायक की गिरफ्तारी के बाद केंद्र और कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार पर उंगली उठानी शुरू कर दी है। एक ओर, केंद्रीय कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने यूपी सरकार को मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की नसीहत दी है तो दूसरी ओर कांग्रेस ने बसपा सरकार पर दोषी विधायक के खिलाफ देरी से कदम उठाने का आरोप लगाया है।

मोइली ने शुक्रवार को अदालतों में लंबित मामलों की तेजी से सुनवाई के मुद्दे पर बातचीत के दौरान बांदा रेप कांड का जिक्र किया और कहा कि इस तरह के मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में ही होनी चाहिए और दोषियों को कठोर सजा मिलनी चाहिए। उधर, कांग्रेस ने इस मामले में सीधे माया सरकार पर हमला बोल दिया है। पार्टी ने राज्य सरकार और पुलिस पर आरोपी विधायक के प्रति नरमी बरतने का आरोप लगाया है। पार्टी प्रवक्ता जयंती नटराजन ने कहा कि इस मामले में जिस तरह से कार्रवाई होनी चाहिए थी, मायावती सरकार ने वैसा नहीं किया। ऐसा आरोपी विधायक के सत्तारूढ़ दल से होने की वजह से हुआ। उन्होंने कहा कि यह माया सरकार के लिए शर्मनाक और निंदनीय है कि बलात्कार की शिकार लड़की अभी तक जेल में बंद है।
 NAVBHARAT TIMES 20 Jan 2011, 1843 hrs IST,भाषा 
बांदा रेप केस में जेलर समेत 5 सस्पेंड 

1.jpg
लखनऊ।। बांदा रेप कांड में देर से जागी मायावती सरकार ने डैमेज कंट्रोल की कवायद शुरू कर द है। मुख्यमंत्री मायावती ने लापरवाही बरतने के आरोप में चार पुलिसकर्मियों और बांदा के जेलर को निलंबित कर दिया है। इस बीच इस मामले की जांच कर रही सीबीसीआईडी ने बांदा की अदालत में चार्जशीट दायर कर दी।

मायावती ने बताया कि बांदा बलात्कार केस में सीबीसीआईडी ने गुरुवार को को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। साथ ही उसने अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच करने वाले पुलिस अधिकारी राधेश्याम शुक्ला के अलावा संबंधित थाने के कार्यवाहक प्रभारी अब्दुल जब्बार, अतर्रा के सीओ राजेंद्र यादव और एएसपी लालाराम को सीबीसीआईडी की रिपोर्ट के आधार पर लापरवाही बरतने के आरोप मों निलंबित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पीडि़त लड़की ने गत 20 दिसंबर को जेल के डॉक्टर को आप बीती सुनाई थी, लेकिन जेलर ज्ञान प्रकाश ने अपने अधीनस्थ कर्मचारी की बाता को गंभीरता से नहीं लिया। लिहाजा, जेलर को भी शिथिलता बरतनेय के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। मायावती ने बताया कि राज्य सरकार ने अदालत से इस प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट से कराने का आग्रह किया है।


Wednesday, 12 January 2011

विधायक के गिरफ़्तारी पर किसने क्या कहा ?

बलात्कार आरोपी विधायक कि गिरफ्तारी के आदेश
हिंदुस्तान लखनऊ, एजेंसी
First Published:12-01-11 08:05 PM  
 
उत्तर प्रदेश सरकार ने बांदा में एक दलित युवती से बलात्कार के आरोपी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के आदेश जारी किए हैं।
कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने बुधवार को यहां कहा कि सीबीसीआईडी की प्रारम्भिक रिपोर्ट के आधार पर विधायक द्विवेदी व तीन अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के आदेश जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक को बुधवार शाम ही सीबीसीआईडी की रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला किया गया।
उल्लेखनीय है कि शहबाजपुर गांव की एक दलित लड़की ने अदालत में लिखित बयान देकर विधायक पर कथित तौर पर बंधक बनाकर बलात्कार करने का आरोप लगाया था।

बीबीसी  बुधवार, 12 जनवरी, 2011 को 22:03 IST

बलात्कार मामले में विधायक पर शिकंजा

रामदत्त त्रिपाठी, ramdutt tripathi
रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, लखनऊ
 उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि बांदा के बहुचर्चित शीलू बलात्कार कांड के बारे में सीआईडी की प्रारंभिक जाँच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है जिसके आधार पर सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी के विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी और उनके तीन सहयोगियों के खिलाफ रपट दर्ज कर गिरफ़्तारी के आदेश दे दिए गए हैं.
कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि इसके साथ ही पीड़ित युवती शीलू पर विधायक का मोबाइल फ़ोन और पाँच हजार रूपये चोरी करने के आरोप को सही पाया गया है इसलिए युवती जेल में ही रहेगी.
यह मामला पिछले कई हफ़्ते से चर्चा में है और विपक्ष मुख्यमंत्री मायावती पर विधायक को बचाने का आरोप लगा रहा था.
सरकारी प्रवक्ता ने विपक्ष के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि सीआईडी की रिपोर्ट प्राप्त होते ही कार्यवाही के आदेश दे दिए गए हैं.
इससे पहले मुख्यमंत्री मायावती ने मामले को तूल पकड़ते देख विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी को दल की सदस्यता से निलंबित कर दिया था.
लेकिन विधायक ने दुराचार के आरोपों का खंडन करते हुए पूरे मामले को एक राजनीतिक साज़िश क़रार दिया है.

मामला

पीड़ित युवती के पिता अच्छे लाल बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता बताए जाते हैं.
पहले विधायक परिवार ने पीड़ित लड़की पर चोरी का मुकदमा कायम कराया था जिसके आधार पर पुलिस ने 15 दिसंबर को युवती को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
पुलिस
पुलिस ने पीड़ित लड़की को पहले ही चोरी के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया था
ख़बरों के अनुसार कथित दुराचार की शिकार शीलू की माँ की मौत हो चुकी है.
वह अपने पिता से नाराज़ होकर सीमावर्ती मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में ग्राम हरनामपुर में अपने ननिहाल में रह रही थी.
बताया जाता है कि ननिहाल वालों ने पैसा लेकर उसकी शादी कर दी थी.
लड़की के परिवार वालों ने तीन नवंबर को शीलू की गुमशुदगी की रपट मध्य प्रदेश के पन्ना पुलिस स्टेशन में लिखाई थी.
बाद में उसके पिता ने विधायक द्विवेदी की मदद से लड़की को खोजकर उसे विधायक के ही घर पर रख दिया.
कुछ दिनों बाद लड़की विधायक के घर से गायब हो गई .
तब चौदह दिसंबर विधायक के बेटे मयंक द्विवेदी ने उस पर मोबाइल फोन और कुछ रुपये चोरी कर गायब होने का मुक़दमा दर्ज़ कराया.
पुलिस के अनुसार लड़की को चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया गया.

आरोप

लेकिन लड़की के भाई का कहना है कि लड़की जब अदालत में पेशी के लिए लायी गई तब उसने आपने साथ विधायक के घर पर दुराचार की बात बताई.
घर वालों को यह भी शिकायत थी कि बांदा के पुलिस अधीक्षक ने गैरकानूनी तौर जेल में जाकर शीलू पर अपना बयान बदलने का दबाव डाला. इसके लिए उसे रुपयों का लालच दिया गया.
पिछली दस जनवरी को शीलू ने अदालत में लिखित बयान देकर अपने साथ बलात्कार की औपचारिक शिकायत दर्ज करायी.
जानकारों का कहना है कानूनन दुराचार पीड़ित युवती का अदालत में बयान बहुत महत्वपूर्ण है इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार के पास इसके अलावा और कोई चारा नही बचा था कि वह विधायक के खिलाफ मुक़दमा दर्ज करके कार्यवाही करने की अनुमति दे.
हालँकि नियमानुसार रपट दर्ज करने के लिए सरकार की अनुमति नही चाहिए.
इस बात पर भी आश्चर्य किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सी आई डी ने युवती पर चोरी का मुकदमा सही पाया है जबकि आम तौर पर माना जाता है कि विधायक और स्थानीय पुलिस ने लड़की का मुँह बंद करने के लिए उसे चोरी के फर्जी मुक़दमे में जेल भेज दिया था.
मुख्यमंत्री के आदेश पर सीआईडी मामले की जाँच कर रही है, लेकिन विपक्ष संतुष्ट नही है और वह सीबीआई जाँच की माँग कर रहा है.

अमर उजाला Thursday, January 13, 2011  |  Last Update - 11:41:09 AM IST
 बसपा विधायक की गिरफ्तारी के आदेश
 बहुचर्चित दुराचार मामले में नरैनी से बसपा विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी की गिरफ्तारी तय है। प्रदेश सरकार की हरी झंडी मिलते ही विधायक और उनके तीन साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। राज्य सरकार ने विधायक समेत सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद द्विवेदी के दो साथियों राजेंद्र शुक्ला और सुरेश नेता को बांदा में गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि विधायक के लखनऊ में ही होने की जानकारी मिल रही है।

किसी भी वक्त हो सकती है गिरफ्तारी
प्रदेश के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच कर रही सीबीसीआईडी ने बुधवार शाम को डीजीपी करमवीर सिंह को प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंप दी है। उन्होंने कहा कि बांदा की कुमारी शीलू आठ दिसंबर से 12 दिसंबर तक चार दिन, विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी के घर में रही। तीन दिन तक सब ठीक रहा लेकिन 11/12 दिसंबर की रात को विधायक व उनके तीन साथियों राजेंद्र शुक्ला, सुरेश नेता और रावणकर ने दो बार उसके साथ दुराचार किया। पीड़ित ने सीबीसीआईडी को दिए बयान में भी विधायक व उनके इन साथियों पर आरोप लगाया है।

कैबिनेट सचिव ने बताया कि पीड़ित यवती को 10 जनवरी को बांदा में ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट (अतर्रा) के सामने पेश किया गया था। मजिस्ट्रेट के सामने उसने जो प्रार्थना पत्र दिया, उसमें भी विधायक व उनके साथियों पर दुराचार का आरोप लगाया गया है। सीबीसीआईडी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मिलने के फौरन बाद कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बांदा में विधायक व उनके तीन साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इन चारों के खिलाफ 376/354 के साथ मारपीट व धमकी देने आदि की धाराएं भी लगाई गई हैं।

विधायक की पुत्रवधु का मोबाइल ले गई थी शीलू
पीड़ित युवती को चोरी के फर्जी आरोप में जेल भेजे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब शीलू विधायक के घर से निकली तो वह अपने साथ विधायक की पुत्र वधु का मोबाइल फोन और पांच हजार रुपये लेकर गई थी। इस फोन से उसने डेढ़ सौ से अधिक फोन किए थे। उन्होंने कहा अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई आवश्यक थी। इसी वजह से मुख्यमंत्री मायावती के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की कोशिश हो रही है।
 
दैनिक जागरण January 13, Thursday , 2011
 लखनऊ, जागरण ब्यूरो : बांदा के शीलू दुराचार मामले में बुधवार शाम बसपा विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी और तीन साथियों के खिलाफ दुराचार का मुकदमा दर्ज हो गया। शासन से गिरफ्तारी आदेश के बाद विधायक फरार हो गये हैं। सीबीसीआइडी की प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट के बाद शासन के निर्देश पर विधायक के खिलाफ कार्रवाई की गयी। मामले में देर रात राजेन्द्र उपाध्याय व सुरेश नेता नाम के अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है। नाम के भ्रम में पहले पथरा निवासी राजेन्द्र शुक्ल को गिरफ्तार किया गया, जिसे देर रात छोड़ दिया गया। दरअसल, आरोपी राजेन्द्र पछौछा का रहने वाला है। बुधवार शाम को कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने पत्रकारों को सरकार के इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया सीबीसीआइडी की प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी, राजेन्द्र उपाध्याय, सुरेश नेता व रावण गर्ग के खिलाफ बांदा सदर कोतवाली में दफा 376, 354, 323, 504 और 506 के तहत मुकदमा किया गया है। डीजीपी ने दोपहर बाद जांच रिपोर्ट कैबिनेट सचिव को दी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पारदर्शिता बरतते हुए कहा कि मामले में दोषी जो भी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाय। कैबिनेट सचिव ने कहा कि अभी सीबीसीआइडी ने प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट सौंपी है। प्रारम्भिक जांच के लिए 21 दिन का मौका दिया गया था, दस दिन के अंदर ल्ल शेष पृष्ठ 9 पर टीम ने अपनी रिपोर्ट दे दी। जांच के बाद विधायक की बसपा से बर्खास्तगी पर फैसला होगा। शीलू पर पुलिसिया कार्रवाई जायज : कैबिनेट सचिव शशांक शेखर ने शीलू के खिलाफ विधायक की ओर से दर्ज कराये गए मुकदमे को जायज ठहराया और तर्क दिया कि उसके पास से चोरी का सामान बरामद हुआ है। यहां तक कि उसने चुराए हुए मोबाइल फोन से 150 बार बातचीत की थी। कैबिनेट सचिव ने साफ कहा कि सीबीसीआइडी की जांच में जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाये जायेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। आठ से 12 दिसम्बर तक विधायक के घर रही शीलू : जांच के दौरान यह बात सामने आयी कि शीलू आठ दिसम्बर को विधायक के घर पहंुची। 11 की रात को शीलू के साथ सामूहिक दुराचार हुआ। 12 को वह विधायक की बहू का मोबाइल फोन और पांच हजार रुपये चुराकर भाग गयी। दस जनवरी को शीलू ने जूडिशियल मजिस्ट्रेट के समक्ष विधायक और साथियों द्वारा दुराचार किये जाने का बयान दिया। सुबह से ही थी सरगर्मी : सूबे की सत्ता का शीर्ष केन्द्र बुधवार सुबह से ही सरगर्म था। बुधवार को मामले में नया मोड़ आने की संभावना से विपक्षी दल और मीडिया की निगाहें मुख्यमंत्री सचिवालय (एनेक्सी) पर टिकी थी। दोपहर बाद एनेक्सी पहंुचे प्रदेश के डीजीपी कर्मवीर सिंह ने कैबिनेट सचिव को जांच रिपोर्ट सौंपी। सुबह जांच टीम के एएसपी फूल सिंह वर्मा ने सीबीसीआइडी मुख्यालय पहुंचकर प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट एडीजी गुरबचन लाल को दी थी। लाल ने डीजीपी कार्यालय जाकर कर्मवीर सिंह से भेंट कर रिपोर्ट दी और पूरे मामले से अवगत कराया। प्राक्कलन समिति की बैठक में नहीं गये विधायक : बुधवार को विधानसभा में प्राक्कलन समिति की बैठक में बतौर सदस्य विधायक पुरुषोत्तम को शामिल होना था। मंगलवार की रात को उन्होंने इस बैठक में जाने की बात कही थी, लेकिन शासन का रुख भांप कर बुधवार को वे खिसक लिए। विधायक ने मंगलवार को मीडिया को शीलू का मध्य प्रदेश पुलिस को दिया गया एक बयान भी भेजा, जिसमें उसने अपने पिता को आरोपित किया था। पुरुषोत्तम नरेश ने आरोप लगाया था कि बांदा के विधायक विवेक सिंह ने षड्यंत्र किया। विवेक सिंह ने कहा कि वह ऐसे व्यक्ति की बात का संज्ञान नहीं लेते।
 
IBN -7
Posted on Jan 12, 2011 at 04:52pm IST | Updated Jan 12, 2011 at 09:46pm IST

बांदा बलात्कार मामले में आरोपी BSP विधायक फरार

 
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में भूचाल लाने वाले बांदा के शीलू बलात्कार काण्ड में नामजद सत्तारुढ बहुजन समाज पार्टी (BSP) विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी के 3 समर्थकों में से दो को आज शाम गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन विधायक व उसका एक सहयोगी अभी फरार है। मुख्यमंत्री मायावती ने इनकी गिरफ्तारी के आदेश दिये थे।
राज्य के मंत्रिमण्डलीय सचिव शशांक शेखर सिंह ने पत्रकारों को यह जानकारी देते हुए बताया कि बांदा कोतवाली में द्विवेदी के साथ ही उनके तीन समर्थकों राजेन्द्र शुक्ला, सुरेन्द्र नेता और रावण गर्ग के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 376, 354, 323 और 506 के तहत मामला दर्ज हो गया।
सिंह के अनुसार सीबीसीआईडी की प्रारम्भिक रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज होने के तत्काल बाद मुख्यमंत्री मायावती ने आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश दिये थे। नामजद चार लोगों में से दो राजेन्द्र शुक्ला और सुरेन्द्र नेता को बांदा के कोतवाली सदर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही जेल में बन्द पीडिता शीलू के ऊपर लगे चोरी के आरोपों को उन्होंने सही बताया।
नाबालिग रेप का मामला सामने आने के बाद जांच के लिए गठित हुई सीबीसीआईडी की रिपोर्ट आ गई है। नाबालिग रेप का मामला सामने आने के बाद जांच के लिए गठित हुई सीबीसीआईडी की रिपोर्ट में विधायक घिरते नजर आ रहे हैं। बताते चलें कि बांदा बलात्कार मामले में एक लड़की ने पुरुषोत्तम द्विवेदी पर रेप का आरोप लगाया था। इसके बाद आरोप है कि विधायक ने लड़की पर चोरी का इल्जाम लगवा कर उसे जेल भिजवा दिया था।
आईबीएन7 पर खबर दिखाए जाने के बाद सूबे की सरकार हरकत में आई और आनन-फानन में इस पूरे मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी। सूत्रों के मुताबिक सीबीसीआईडी की जांच में रेप की पुष्टि हुई है और लड़की पर चोरी के लगे आरोप गलत साबित हुए हैं।
इन सबपर भी नाबालिग लड़की अब भी जेल में बंद है। इसके पहले बीएसपी ने अपने विधायक को पार्टी से निलंबित कर दिया था।