Friday, 7 January 2011

सीबीसीआइडी जांच के घेरे में बसपा विधायक

दैनिक जागरण
सीबीसीआइडी जांच के घेरे में बसपा विधायक
जागरण ब्यूरो, लखनऊ विपक्ष के दबाव और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग द्वारा रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद प्रदेश सरकार ने बसपा विधायक द्वारा नाबालिग लड़की से दुराचार और उसे चोरी में जेल भिजवाने के मामले की सीबीसीआइडी जांच के आदेश कर दिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि जांच दल रविवार सुबह बांदा पहुंचकर काम शुरू कर दे। बांदा के नरैनी क्षेत्र से बसपा के विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी और उनके साथियों पर आरोप हैं कि उन्होंने अति पिछड़ी जाति की नाबालिग लड़की शीलू को अपने आवास में बंधक बनाकर कई दिनों तक कथित तौर पर दुराचार किया और फिर विधायक की लाइसेंसी बंदूक व पांच हजार रुपये चोरी के आरोप में उसे जेल भिजवा दिया। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए बांदा के डीएम/एसपी तथा राज्य के प्रमुख सचिव (गृह) को फैक्स भेजकर पूछा है कि दुराचार के आरोपी विधायक जब खुद स्वीकार कर रहे हैं कि बालिका उनके यहां कई दिनों तक रही और पिता विधायक पर दुराचार का आरोप लगा रहे हैं तो मामले को हल्के ढंग से क्यों लिया जा रहा है। मामले की रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं की जा रही। आयोग ने इस बाबत सोमवार तक रिपोर्ट देने को कहा है। कांग्रेस-भाजपा ने इस मामले को लेकर सरकार को घेर लिया है। दोनों पार्टियों के प्रदेश अध्यक्षों ने पीडि़तों के परिजनों से भेंट के बाद आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के विधायक का नाम होने के कारण मामले को दबाया जा रहा है।
विधायक पुरुषोत्तम द्विवेदी पर लगे आरोप सही पाए गए तो उन पर भी कड़ी कार्रवाई होगी। फौरी तौर पर द्विवेदी को पार्टी के जिला प्रभारी पद से हटा दिया गया है। उनसे कहा गया है जब तक वह निर्दोष साबित नहीं हो जाते, वह संगठन के कार्यो से पूरी तरह अलग रहें।
 दैनिक जागरण 03 .01 .2011 
दुराचार के आरोप में पार्टी से निलंबित हुए बसपा विधायक
 जागरण ब्यूरो, लखनऊ बढ़ते राजनीतिक दबाव और छवि पर आंच आती देख बसपा प्रमुख मायावती ने रविवार को नाबालिग लड़की से दुराचार के आरोप में फंसे बांदा जिले के नरैनी क्षेत्र के बसपा विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी को सीबीसीआइडी की जांच रिपोर्ट आने तक पार्टी से निलंबित कर दिया। साथ ही कहा है कि दोषी पाये जाने पर उन्हें जेल जाना होगा, पार्टी से भी निकाल दिया जाएगा। वहीं, विपक्षी दलों कांग्रेस, सपा और भाजपा ने मायावती के इस कदम को विधायक को बचाने की कोशिश करार दिया है। सपा ने राज्यपाल से मांग की है कि वे मामले में सरकार से जवाब तलब करें। साथ ही संविधान के विरुद्ध काम करने के लिए सरकार की बर्खास्तगी का कदम उठाएं। कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने रविवार की दोपहर मुख्यमंत्री मायावती की ओर से प्रेस कांफ्रेंस कर विधायक के निलंबन की जानकारी दी। उन्होंने कहा, सीबीसीआईडी ने जांच शुरू कर दी है। दो तीन सप्ताह में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आ जायेगी।अभी तो विधायक के खिलाफ कोई रिपोर्ट भी नहीं है, इसके बावजूद उनके पार्टी से निलंबन की कार्रवाई कर दी गयी है। उन्होंने कहा,जिस लड़की शीलू के साथ अप्रिय घटना की बात कही जा रही है, उसके खिलाफ विधायक के पुत्र मयंक द्विवेदी ने 14 दिसंबर को अतर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसी दिन पुलिस ने लड़की को गिरफ्तार कर चोरी गया सामान भी बरामद कर लिया था। विपक्ष की घेराबंदी को देखते हुए विभिन्न दलों की सरकारों में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री की ओर से कहा गया कि गैर बसपा सरकारों ने तो अपराधों में लिप्त विधायक व मंत्रियों को बचाने का काम किया था जबकि हमारी सरकार ने कानून हाथ में लेने वाले अपने सांसद, विधायक और मंत्रियों को जेल भेजने का काम किया है। उल्लेखनीय है कि विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी पर आरोप है कि उन्होंने बांदा जिले की निवासी नाबालिग लड़की शीलू निषाद के साथ दुराचार किया। 14 दिसंबर को विधायक पुत्र की तहरीर पर पुलिस ने शीलू को चोरी के इल्जाम में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामला संज्ञान में आने के बाद विपक्षी दल कांग्रेस, सपा और भाजपा ने इस मामले में सरकार पर हमला बोल दिया है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पूनिया द्वारा जिला प्रशासन और गृह सचिव से जवाब तलब किए जाने के बाद सरकार ने शनिवार को सीबीसीआइडी को इस मामले की जांच के आदेश दिए।

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